प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उधमपुर दौरे के लिए शुक्रवार को एसपीजी और एयरफोर्स ने मिलकर मॉक ड्रिल की। उधमपुर के बट्टलबालिया में बने रैली स्थल और चिनैनी-नाशरी टनल से पांच किलोमीटर पहले चिनैनी में हेलीपैड बनाए गए हैं।
शुक्रवार को दोनों जगहाें पर वायुसेना के हेलीकाप्टर की लैंडिंग कराई गई और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अभ्यास किया गया। एसपीजी ने प्रधानमंत्री के लिए तैयार किए गए मंच को पूरी तरह से अपनी सुरक्षा में ले लिया है।
बट्टलबालिया में शुक्रवार को दिनभर आसमान में एयरफोर्स के हेलीकाप्टर मंडराते रहे। कई बार हेलीपैड पर हेलीकाप्टर को उतारा गया और फिर उड़ाया गया। शनिवार को फाइनल रिहर्सल की जाएगी। रैली का दिन करीब आने के साथ ही सुरक्षा इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे सेना और एसपीजी ने मिलकर बट्टलबालिया में मॉक ड्रिल की।
एयरफोर्स के दो हेलीकाप्टर दिन भर बट्टलबालिया के आसपास मंडराते रहे। जब हेलीकाप्टर वहां बनाए गए हेलीपैड पर उतारे गए तो एसपीजी के जवानों ने पूरे हेलीपैड को चारों तरफ से घेर लिया। इसी तरह से कई बार अभ्यास किया गया।
उधर चिनैनी-नाशरी टनल से करीब पांच किलोमीटर पहले चिनैनी में बने हेलीपैड पर भी शुक्रवार को हेलीकाप्टर की लैंडिंग के लिए मॉक ड्रिल की गई। यहीं पर प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर उतरेगा। यहां से टनल तक पीएम का कारवां पांच किलोमीटर का मार्ग सड़क मार्ग से तय करेगा।
शुक्रवार को दोपहर में 12 बजे से डेढ़ बजे तक कई बार हेलीकाप्टर ने हेलीपैड का चक्कर काटा और कुछ देर तक वहां पर रुकने के बाद लौट गया। दोपहर करीब 12 बजे वायुसेना का हेलीकाप्टर ने पहला ट्रायल किया। पहली बार हेलीकाप्टर ने ऊपर चक्कर लगाया। दूसरी बार भी वह हेलीपैड पर नहीं उतरा।
तीसरी बार हेलीकाप्टर हेलीपैड पर कुछ मिनट के लिए उतरा और फिर लौट गया। इसके बाद एक बार फिर हेलीकाप्टर आया और चक्कर काटने के बाद करीब 15 मिनट तक हेलीपैड पर रुका।