सुशासन को जमीनी स्तर पर ले जाने और प्रदेश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में वह महीने में एक बार डीडीसी, बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों को लोगों की आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक मंच तैयार होगा।
ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग हर महीने एक बार डीडीसी सहित पंचायती राज संस्थानों के सभी तीन स्तरों के साथ उप-राज्यपाल की बातचीत के लिए एक तंत्र तैयार करेगा। उप-राज्यपाल ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि हर सरकारी समारोह का अभिन्न हिस्सा हों। प्रोटोकॉल के अनुसार, विकास परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन के हर चरण में शामिल हों।