जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा राज्य में गो हत्या प्रतिबंध समस्या के हल के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के ठीक दो दिनों बाद वीरवार को उच्च न्यायालय राज्य सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है।
श्रीनगर बेंच ने गो हत्या पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली एक ताजा याचिका पर प्रतिक्रिया देने के लिए राज्य सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने सरकार से कहा है कि वह अपनी दलील रखे कि आखिर प्रतिबंध क्यों हटाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 16 सितंबर को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा रणवीर दंड संहिता की धारा 298 ए और बी (जो राज्य में गो हत्या और मांस की बिक्री को दंडनीय बनाती है) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली प्रोफेसर अफजल कादरी की याचिका को स्वीकारा गया था।
रणवीर दंड संहिता में गो हत्या निषेध अधिनियम के तहत 1932 के बाद से राज्य में प्रतिबंधित कर दिया गया है।