राज्य सरकार ने नीति के अभाव में सात सामाजिक, धार्मिक, चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं को रियायती दरों पर 867.90 कनाल भूमि आवंटित कर दी। यह आवंटन केवल आवेदन के आधार पर कर दिया गया। सीएजी की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है।
सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जेडीए के पास कोई मेकेनिज्म नहीं है। जमीन को लीज पर देने के बाद लीज जिस उद्देश्य से किया गया था, उसकी पूर्ति हो पाई या नहीं, इसका कोई ब्योरा नहीं रखा गया। सितंबर 2002 से दिसंबर 2010 तक सात सोसाइटी तथा ट्रस्ट को विभिन्न रियायती दरों पर जमीन दी गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि गरीबों की शिक्षा के लिए भगत छज्जू राम मेमोरियल ट्रस्ट को गाडीगढ़ में 7.9 कनाल, धार्मिक उद्देश्यों के लिए संत श्री आसाराम बापू ट्रस्ट को 283 कनाल, भारतीय योग संस्थान को योग सेंटर की स्थापना के लिए 15 कनाल और जम्मू चैरिटेबल ट्रस्ट को सिद्दड़ा में 100 कनाल जमीन आवंटित की गई।
जुलाई 2015 में जेडीए ने अपने जवाब में कहा कि यह सारे आवंटन विधिवत जांच करने के बाद किए गए हैं, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं है, क्योंकि जेडीए को ट्रस्ट को जमीन आवंटित करने की नीति के साथ सामने आना होगा।