अपने बेटे का मुंह नहीं देख पाया मुकेश
मुकेश सिंह दर्जी का काम करता था। उसने घर में ही बुटीक खोली है। वहीं पर कपड़े सिलकर परिवार का पेट भरता था। साढ़े तीन साल पहले ही मुकेश की माता की मौत हो चुकी है। उसकी छह साल की बेटी माहिरा पहली कक्षा में पढ़ती है। वहीं, एक 28 दिन का बेटा भी है। पंडित ने कहा था कि बेटे के एक महीने होने के बाद उसकी गंथमूल की पूजा होगी।
इसके बाद ही मुकेश अपने बेटे का मुंह देख सकता है। इसलिए उसने अभी तक अपने बेटे का मुंह नहीं देखा था। उसका बड़ा भाई रिंकू किराना की दुकान चलाता है। और अपने परिवार के साथ अलग रहता है। मुकेश की दो बड़ी बहनें ज्योति और मोना का रो-रो कर भूरा हाल था। मोना ने कहा कि बोला था मत जाओ पर तुमने मेरी बात नहीं मानी, मेरा सबसे प्यार भाई था तू। वो बच्चा जो पिता का मुंह नहीं देख पाएगा उस बच्चे का क्या होगा।