राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान के बाद पुलिस महकमा इस संबंध में ब्लू प्रिंट तैयार कर रहा है। डीजीपी के राजेंद्रा कुमार ने कहा कि सरकार के निर्देश के आधार पर राजनीतिक कैदियों का डाटा संकलित किया जा रहा है।
जिन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं, उन्हें रिहा किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि रिहा किए जाने वाले ऐसे कैदियों के संबंध में पूछे जाने पर डीजीपी ने कहा कि ब्लू प्रिंट तैयार होने के साथ ही इसका खुलासा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सईद ने डीजीपी के साथ बैठक कर वैसे कैदियों की रिहाई की कार्रवाई करने को कहा है, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं।
रिहा होने या आत्मसमर्पण करने वाले आतंकियों के व्यापक पुनर्वास पर भी सरकार ने योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इनमें मशरत आलम और कासिम फकतू जैसे पत्थरबाजों के सरगना के भी रिहा होने की चर्चा है।
इस संबंध में पूछे जाने पर डीजीपी ने टालते हुए कहा कि अभी इस संबंध में कुछ कह नहीं सकते, लेकिन जैसे ही ब्लू प्रिंट तैयार होगा, मीडिया को पूरी जानकारी दे दी जाएगी। उधर, जानकारों का कहना है कि इन पत्थरबाज सरगनाओं के रिहा होने के सुप्रीमकोर्ट से भी निर्देश आए हैं।