वीरेंद्र सहवाग के साथ महजूर अली सोफी
- फोटो : Amar Ujala
कश्मीर घाटी के उभरते तेज गेंदबाज महजूर अली सोफी के इंग्लैंड के ईस्टर्न क्लब की ओर से क्रिकेट खेलने के लिए मांगी एनओसी से जेकेसीए द्वारा नकारे जाने पर एसोसिएशन ने अपना पक्ष रखा है।
एसोसिएशन ने कहा कि एंबेसी हमें लिखे तो हम जरूर देंगे एनओसी। साथ ही यह भी कहा गया कि इस खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसोसिएशन के सेक्रेटरी ने कहा कि आखिर कैसे कोई खिलाड़ी इस तरह मीडिया के सामने बयानबाजी कर सकता है।
गेंदबाज महजूर सोफी को एनओसी न दिए जाने पर जेकेसीए ने बुधवार को अपना पक्ष रखते हुए मामले में किसी प्रकार की राजनीति से साफ इंकार किया है। हालांकि जिस तरह का बयान एसोसिएशन के सेक्रेटरी ने दिया है उससे कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
एसोसिएशन की राजनीति की वजह से गेंदबाज का भविष्य दांव पर
कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं महजूर अली सोफी
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जेकेसीए के सेक्रेटरी इकबाल शाह ने मीडिया के सामने आकर कहा कि वे ऐसे खिलाड़ी हैं जो एसोसिएशन के दूसरे खेमे से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने पिछली बार हुए ट्रायल्स में भाग नहीं लिया। अब जब वे मेरे पास आए तो मैंने उनसे कहा कि जाइए एमएल नेहरू (पूर्व सेक्रेटरी जेकेसीए) और फारूक अब्दुल्ला (पूर्व अध्यक्ष जेकेसीए) से मिलिए।
शाह ने यह भी कहा कि मुझे कोई फर्क नहीं, एंबेसी मुझे लिखे मैं दूंगा एनओसी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम एक डिसिप्लिनरी कमेटी बुला रहे हैं। इस खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आखिर वे कैसे इस तरह मीडिया के सामने बयानबाजी कर रहे हैं।
जेकेसीए के पक्ष को लेकर महजूर अली सोफी का यह कहना है कि एंबेसी कैसे इकबाल शाह को लिख सकती है। उन्हें एनओसी मुझसे चाहिए, इसलिए वह मुझे लिखेगी। साथ ही मैंने ईस्टर्न क्लब का ऑफर उन्हें पहले ही दिखाया है।
सोफी के अनुसार उसने फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाली एसोसिएशन में ट्रायल दिए थे। तब बीसीसीआई द्वारा उन्हें ही अधिकार था और जब इमरान रजा अंसारी की टीम ने जेकेसीए की कमान संभाली तो मैं यहां ट्रायल देने आया। उनसे लिखित माफीनाम मांगा गया, लेकिन उन्होंने मुझे सेलेक्ट नहीं किया।