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अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर शिक्षक

Sun, 15 Mar 2015 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सांबा
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पुलिस के लाठीचार्ज के बाद अस्थायी शिक्षकों में पुलिस और राज्य सरकार के प्रति काफी रोष है। पहले अस्थायी शिक्षक एक दिन ही भूख हड़ताल कर रहे थे, लेकिन अब अस्थायी शिक्षकों ने भूख हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर दिया है। शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठे अस्थाई शिक्षकों ने प्रेस क्लब के बाहर जमकर राज्य सरकार व पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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शुक्रवार रात को पुलिस ने लाठीचार्ज करके शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे अस्थायी शिक्षकों को उठाया था। चार शिक्षकों को हिरासत में भी लिया। रात करीब दस बजे इन शिक्षकों को छोड़ा तो सभी शिक्षक रात को ही प्रेस क्लब के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए। शनिवार को दिन भर शिक्षकों ने जमकर राज्य सरकार और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान जेएंडके कंट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान बलविंद्र सिंह पवार और अन्य शिक्षकों ने बताया कि शुक्रवार रात को मुख्यमंत्री के आवास के बाहर सभी शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे थे। पुलिस ने सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाई लाइटों को बंद करवाया, उसके बाद उन पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया।
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महिला शिक्षकों को भी पुरुष पुलिस कर्मियों ने नहीं बख्शा। पहले सभी ने एक दिन की भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब उन्होंने बताया कि केवल दो शिक्षक भूख हड़ताल करेंगे, बाकी के शिक्षक हर रोज उनका समर्थन करने के लिए पहुंचेंगे। जब तक मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या फिर शिक्षा मंत्री मौके पर पहुंच कर मांग को पूरा करने का आश्वासन नहीं देंगे, भूख हड़ताल जारी रहेगी।

अस्थायी शिक्षकों पर लाठीचार्ज की निंदा
रियासत में मेरिट के आधार पर नियुक्त किए गए अस्थायी शिक्षक मांगों के समर्थन में अनशन पर बैठे थे, जिन पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं थी। इसमें शिक्षिकाओं को भी नहीं बख्शा गया। पुलिस की इस कार्रवाई की चारों ओर से निंदा की गई है। पैंथर्स पार्टी के राजेश पढगोत्रा, राजेश्वर सिंह, नेकां महिला मोर्चा की प्रांतीय उपाध्यक्ष सतवंत कौर डोगरा, सामाजिक कार्यकर्ता कमल भट्टी ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है। इसकी वह निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें स्थायी करने के लिए कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि इन अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति मेरिट के आधार पर की गई थी, इसलिए उनकी मांग पर गौर किया जाए। कांट्रैक्चुअल टीचर एसोसिएशन के संभागीय प्रधान बलविंद्र सिंह और सांबा जिला प्रधान भूपिंद्र सिंह ने बताया कि वह शांतिपूर्वक अनशन पर बैठे थे कि पुलिस ने उन पर लाठियां भाजना शुरू कर दी है।
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