डीजीपी एस पी वैद ने कहा है कि आतंकियों के घर वापसी सकारात्मक संदेश है। भटके युवा भी अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं। यह माहौल में हो रहे बदलाव को दर्शाता है।
आतंकी संगठन सोशल मीडिया का सहारा लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ऐसी साजिशें कामयाब नहीं होंगी। कुछ आतंकियों ने बंदूकें छोड़कर घर वापसी की है।
आतंकियों के माता-पिता की ओर से वापसी के लिए अपीलें की जा रही हैं। भटकाव के कारण आतंक की राह पर गए स्थानीय युवक अपने लड़के हैं इसलिए उन्हें माफी दी जाएगी लेकिन आतंकवाद से निपटने में सख्ती का अभियान जारी रहेगा।
पुलिस के नेटवर्क से आतंकियों के बारे में पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं। इसलिए पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिल रही है। आतंकवाद के साथ-साथ नाशाखोरी को भी समाप्त किया जाएगा। कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट चुकी है। हर आतंकी संगठन में कमांडर की वेकेंसी है। आतंकियों में खौफ पुलिस की कामयाबी है।