भारत पाक नियंत्रण रेखा पर पाक अधिकृत गांव तेत्रिनोट के सामने पहाड़ी पर स्थित गांव सुआनाढ़ निवासी आज भी पानी ढोकर पी रही हैं। सेना के सहयोग से पीने का पानी उपलब्ध कराए जाने से लोगों की खुशी की ठिकाना नहीं है।
गांव के बुजुर्ग नजीर हुसैन और कालू ने सेना की 39 आरआर द्वारा गांव के लिए पीने का पानी उपलब्ध कराए जाने पर प्रसन्नता प्रकट की। उनका कहना था हमारे लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है।
आज हमारे घरों के आस पास चंद रोज पहले सेना द्वारा लगाए गए नलों के द्वारा पीने का पानी पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है पिछले सत्तर वर्षों से हमारी दो पीढ़ियां पीने के लिए पानी ढोते ढोते इस दुनियां से चली गई।
किसी नेता, मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी को गांववासियों पर तरस तक नहीं आया। गांव में सेना के प्रयासों से पीने का पानी उपलब्ध हुआ है। बुजुर्गों का कहना है कि हमारे गांव में बच्चा, बूढ़ा, नौजवान, महिला, पुरुष हर किसी का दिन नदी से पानी भर कर लाने से शुरू होता था।
पानी लाने पर ही खत्म होता था। गंाव में पीने के पानी की सप्लाई न होने के कारण हम लोगों को नहाने, कपड़े धोने, पीने का पानी लाने अथवा पशुओं को पानी पिलाने के लिए नदी पर जाना पड़ता था।