केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार पाकिस्तान समेत सभी से बातचीत को तैयार है, लेकिन आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकता। घाटी के सुरक्षा हालात व विकास कार्यों की समीक्षा तथा नेकां, पीडीपी, कांग्रेस व भाजपा के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक बातचीत का प्रश्न है तो केंद्र सरकार को किसी से भी बात करने में कोई समस्या नहीं है। कम से कम यह देखना चाहिए कि पाकिस्तान भारत में आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है और आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। हमें कम से कम यह आश्वासन मिलना चाहिए कि पाकिस्तान इस तरह की कोई हरकत नहीं करेगा। भारत ने अपनी तरफ से कई सकारात्मक प्रयास किए हैं। लेकिन पाकिस्तान ने कोई भी पहल नहीं की।
प्रधानमंत्री ने प्रोटोकाल को तोड़ते हुए पाकिस्तान जाकर वहां के प्रधानमंत्री तथा उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। हमारे संबंध हमेशा से पड़ोसी वाले रहे हैं, लेकिन उनकी तरफ से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है। यह पूछे जाने पर कि क्या अलगाववादियों से भी बातचीत की कोई पहल हो सकती है तो उन्होंने कहा कि सरकार किसी से भी बात करने को तैयार है जो बातचीत में शामिल होना चाहते हैं। केंद्र सरकार कभी भी बातचीत से पीछे नहीं हटी है।
राजनाथ ने कहा कि घाटी में पिछले चार से पांच महीने में हालात में भारी बदलाव आया है। पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है। आतंकियों की भर्ती में भी कमी आई है। उम्मीद है कि जल्द ही घाटी में दहशतगर्दी का माहौल खत्म होगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से पंचायत चुनावों में हिस्सेदारी करने की अपील की है। बड़ी से बड़ी समस्याओं और मुद्दों का समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही संभव है। राज्य की तमाम समस्याएं लोकतंत्र के जरिये ही सुलझाई जा सकती हैं। इस वजह से उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव का हिस्सा बनें। ज्ञात हो कि नेकां और पीडीपी ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया है।
कुलगाम घटना पर जताया दुख, पांच लाख की घोषणा
केंद्रीय गृह मंत्री ने कुलगाम घटना पर दुख जताया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मुठभेड़ स्थल पर विस्फोट में सात लोगों के मारे जाने पर उन्हें बेहद दुख है। इन परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए उन्होंने पांच लाख रुपये मदद की घोषणा भी की। लोगों की जान की कीमत तो नहीं लौटाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सुरक्षा बलों के ऑपरेशन के तत्काल बाद वे मुठभेड़ स्थल पर न जाएं। इससे जानी नुकसान का खतरा रहता है। कहा कि सुरक्षा बलों को भी एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है।
केंद्र के पास राज्य के सांविधानिक प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव नहीं
अनुच्छेद 35ए पर राजनाथ बोले कि केंद्र के पास रियासत के सांविधानिक प्रावधानों में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र की ओर से इस संबंध में कोई पहल भी नहीं की गई है। केंद्र सरकार संविधान के प्रावधानों को किसी प्रकार की तोड़ने मरोड़ने की कोशिश नहीं कर रहा है।
दिनेश्वर शर्मा बातचीत होने तक काम करते रहेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि वे अपना काम पहले की तरह करते रहेंगे। उनकी भूमिका तय है और जब तक बातचीत का सिलसिला शुरू नहीं हो जाता तब तक वे काम करते रहेंगे।