देश में जम्मू-कश्मीर राज्य को भविष्य का सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) केंद्र बताते हुए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उद्योगपतियों से रियासत में निवेश करने का न्योता दिया है।
चेन्नई में शनिवार को मुख्यमंत्री ने प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर उन्हें जम्मू-कश्मीर में आईटी क्षेत्र में निवेश करने और राज्य आईटी पार्क स्थापित करने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर में चार लाख से ज्यादा प्रशिक्षित आईटी मानव स्रोत उपलब्ध हैं। रियासत सरकार प्रदेश में आईटी और आईटीईएस के यूनिट स्थापित करने की इच्छुक कंपनियों को आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध करवाने को तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश डिजिटल हो रहा है और जम्मू-कश्मीर इससे पीछे नहीं रह सकता। फेडरेशन आफ इंडियन चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित बैठक में आईटी से जुड़े प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए।
इनमें इंटिलेक्ट डिजाइन एरिना लिमिटेड के सीएमडी अरुण जैन, वेलिंग्रो एक्सपोनेंटा प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एआरएम अरुण, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के कारपोरेट सिक्योरिटी के सीनियर कंसल्टेंट नटराजन स्वामी नाथन, जेमिनी कम्यूनिकेशन लिमिटेड के निदेशक आरराम कुमार, साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी फाउंडेशन के चेयरमैन आर रामामूर्ति, हेग्सावेयर टेक के कारपोरेट अफेयर्स के ग्लोबल हेड और वरिष्ठ उपप्रधान सुजीत ओमेन, फिक्की टीएनएस के चेयरमैन रफीकी अहमद, फिक्की प्रधान के सलाहकार पी मुरारी और फिक्की टीएनएससी के हैड रूबान होबडे़ शामिल हैं।
दोपहर में मुख्यमंत्री ने महेंद्रा वर्ल्ड सिटी का दौरा कर बिजनेस सेंटर और आईजीपीसी गोल्ड की पहली विजेता सर्टिफाइड टाउनशिप और तामिलनाडु सरकार के टिडेल पार्क का भी दौरा किया।
यहां पर 34000 आईटी कर्मी काम करते हैं। इस अवसर पर रियासत के आईटी विभाग के आयुक्त सचिव हृदेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव एम एच मलिक आदि भी मौजूद रहे।