तस्वीर में देखें देश के 10 सर्वाधिक भूस्खलन जोखिम जिले
- जिला राज्य रैंक
- रुद्रप्रयाग उत्तराखंड 01
- टिहरी उत्तराखंड 02
- थ्रीसूर केरल 03
- राजौरी जम्मू कश्मीर 04
- पालक्कड़ केरल 05
- पुंछ जम्मू कश्मीर 06
- मालाप्पुरम केरल 07
- दक्षिण जिला सिक्किम 08
- पूरब जिला सिक्किम 09
- कोझीकोडे केरल 10
हिमाचल में 12 में से 11 जिले संवेदनशील
एनआरएससी के भूस्खलन जोखिम विश्लेषण में 147 जिलों में पड़ोसी राज्य हिमाचल के 11 जिले शामिल हैं। हिमाचल में भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा मंडी जिले में है। देश में इस जिले की रैंक 16वीं है। 25वें स्थान पर हमीरपुर, 30वें स्थान पर बिलासपुर, 32 स्थान पर चंबा, 37वें स्थान सोलन, 46वें स्थान पर किन्नौर, 57वें पर कुल्लू, 61वें पर शिमला, 70वें पर ऊना, 88वें पर सिरौमर और 126वें स्थान पर लाहौल स्पिति है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले को भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले को देश में भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा है। भूस्खलन जोखिम के मामले में देश के 10 सबसे अधिक संवेदनशील जिलों में टिहरी दूसरे स्थान पर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केंद्र (एनआरएससी) की हाल ही में जारी भूस्खलन मानचित्र रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
सर्वाधिक भूस्खलन प्रभावित 147 जिलों में उत्तराखंड के सभी 13 जिले शामिल हैं। इनमें चमोली जिला भूस्खलन जोखिम के मामले में देश में 19वें स्थान पर है। बता दें कि चमोली जिले का जोशीमठ शहर इन दिनों भूस्खलन के खतरे की चपेट में है। वैज्ञानिक इसकी तकनीकी जांच कर खतरे को भांप रहे हैं।
केरल के ये जिले सबसे अधिक संवेदनशील
10 सबसे अधिक भूस्खलन जोखिम जिलों की सूची में केरल के तीन जिले शामिल हैं। 147 संवेदनशील जिलों की सूची में केरल के कुल 10 जिले हैं, जहां भूस्खलन से खतरा है।