अलगाववादियों ने कश्मीर में तनाव बढ़ाकर अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की साजिश रची है। इस षडयंत्र में हिजबुल मुजाहिदीन भी शामिल है। उधर, बशीर लश्करी के मारे जाने के बाद लश्कर और हिजबुल के बीच तनातनी बढ़ गई है। वहीं, हिजबुल से अलग होकर अलकायदा से जुड़े आतंकी जाकिर मूसा का गुट भी लश्कर को चुनौती दे रहा है।
इससे आतंकी गुटों में वर्चस्व की जंग तेज होने के आसार हैं। सुरक्षा बल इस स्थिति को भी अमरनाथ यात्रा के लिए चुनौती मान रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर अलगाववादी और हिजबुल ने बंद और हड़ताल का आयोजन कर तनाव फैलाने की साजिश बुनी है। साजिश के तहत लश्कर कमांडर बशीर की मौत के बाद बंद का आयोजन किया गया। बशीर के जनाजे में उमड़ी भीड़ से अलगाववादियों के हौसले बुलंद हुए हैं।
अब हर मुठभेड़ में आतंकी की मौत के बाद बंद और हड़ताल की योजना बनाई गई है। इस क्रम में हिंसक विरोध प्रदर्शन की भी आशंका है। हिजबुल कमांडर सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने के बाद से हिज्ब के आतंकी किसी बड़े हमले को अंजाम देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सलाहुद्दीन ने यूनाइटेड जिहाद काउंसिल की ओर से बुरहान वानी की बरसी 8 से 13 जुलाई तक बंद और हड़ताल का एलान किया है।