Jammu Kashmir News: सीमा पार से घाटी में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश आईएसआई रच रही है। पहाड़ी इलाकों में छिपे बैठे आतंकियों को नागरिकों की हत्या करने का आदेश दिया जा रहा है।
Jammu Kashmir security threats: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई जम्मू-कश्मीर में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रही है। प्रदेश में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकियों के जरिए आम नागरिकों की हत्या करवाकर समुदायों विशेष के बीच दंगा-फसाद कराने की कोशिश की जा रही है।
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सूत्रों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में छिपकर बैठे आतंकियों को आईएसआई ने कुछ ऐसे ही आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि आतंकी अब सुरक्षाबलों को निशाना नहीं बना पा रहे।
इनकी घेराबंदी ऐसी है कि ये सुरक्षाबलों का सामना करने से कतरा रहे हैं। जबकि, सीमा पार से भी घुसपैठ कराने में सफलता नहीं मिल रही, इसलिए आईएसआई दबाव बना रही है कि, जो आतंकी मौजूद हैं, वे नागरिकों को निशाना बनाएं। बीते तीन वर्ष में ऐसे कई प्रयास किए जा चुके हैं।
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जबकि, ऐसे ही प्रयास और तेज होने की आशंका जताई जा रहा है। राजोरी, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों में ऐसी वारदात होने की आशंका जताई जा रही है। इन क्षेत्रों में बीते कुछ वर्षों से आतंकी मौजूद हैं, जिन्होंने कई बड़ी वारदात को अंजाम दिया है।
सेना के पूर्व बिग्रेडियर विजय सागर का कहना है कि पाकिस्तान इस समय खुद के पाले दहशतगर्दों से ही परेशान है। इसकी वजह से वहां की अवाम मुखर है। लोगों को शांत करने के लिए पड़ोसी देश जम्मू-कश्मीर में सांप्रदायिक माहौल खराब करके अपने लोगों को तसल्ली देना चाहता है।
स्थानीय मदद न मिलने से बौखलाहट
जम्मू-कश्मीर में अब स्थानीय आतंकी न के बराबर हैं। आतंकी संगठनों को स्थानीय स्तर पर मदद और समर्थन नहीं मिल रहा। वे सीमा पार से घुसपैठ नहीं कर पा रहे। स्थानीय स्तर पर सुरक्षाबलों का मजबूत घेरा भी उनके लिए तोड़ना मुश्किल हो रहा है। इससे आईएसआई में एक बौखलाहट है, जिसकी वजह से वह किसी भी हद तक जा सकती है। - राजिंदर सिंह, पूर्व बिग्रेडियर
आतंकियों का सफाया ही एकमात्र समाधान
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने बताया कि जब तक जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी मौजूद हैं, इनके जरिए आईएसआई किसी भी तरह की वारदात करवा सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं कि आम नागरिकाें की हत्या करवाकर समुदाय विशेष के बीच तनाव पैदा करना है। आईएसआई ने ऐसा ही राजोरी में किया था।
आतंकियों ने समुदाय विशेष के लोगों को पहचान पत्र देखकर मारा था। ठीक ऐसा ही पहाड़ी जिलों में मौजूद आतंकी कर सकते हैं, क्योंकि ये आईएसआई के कहने पर ही सीमा पार से आए हैं। लिहाजा आतंकियों का सफाया करें, ताकि व कोई वारदात कर ही न सके।