बाएं हाथ के आल राउंडर इरफान पठान शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सोनावर में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम (जेकेसीए) में मेंटर एवं खिलाड़ी के तौर पर शामिल हो गए। इरफान के साथ जेकेसीए ने एक साल का अनुबंध किया है।
वह राज्य में कोचिंग कक्षाएं लगाने के साथ क्रिकेट को बढ़ावा देने पर काम करेंगे। पठान ने कहा, मैं आपके लिए यहां आया हूं और हर जिले में जाकर क्रिकेट प्रतिभा को तलाशूंगा। इसके लिए इसमें सीनियर क्रिकेटरों के सुझाव शामिल किए जाएंगे।
मेरा काम जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट को नए मुकाम तक पहुंचाना है। उन्होंने युवा क्रिकेटरों से कहा कि वे हमेशा जीत का लक्ष्य लेकर खेलें। यह जरूरी नहीं कि आप शतक या बेहतर गेंदबाजी से ही टीम को कुछ दे सकते हैं, बल्कि छोटा सा सहयोग भी टीम की जीत के लिए अहम है।
एक साल के लिए योजना बनाई जा रही है। कुछ माह पहले ही बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से इरफान को एनओसी दी गई थी। जिससे बाद से उन्हें जेकेसीए में शामिल करने की कवायद चल रही थी। जेकेसीए के प्रशासक व सीईओ सईद आशिकी हुसैन बुखारी ने कहा कि इरफान पठान को लाने का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट को बढ़ावा देना है।
जेकेसीए के सदस्य रंजीत कालरा ने कहा कि स्थानीय क्रिकेटरों को इरफान का अनुभव और हरफनमौला प्रदर्शन हासिल होगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1998 में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में तत्काल मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला अध्यक्ष थे।
उस समय डा. फारूक के कहने पर राज्य के मुख्य सचिव ने अपने दामाद अजय जडेजा को जेकेसीए में लाया था। जडेजा ने जेकेसीए में एक सीजन खेलकर शानदार प्रदर्शन किया।