केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जम्मू-कश्मीर से आईपीएस अफसरों का डेपुटेशन लेकर जाना जारी है। नए साल के शुरू में ही दो अफसरों को डेपुटेशन दिया गया है, जबकि पहले से जम्मू-कश्मीर में आईपीएस अफसरों का टोटा है।
यही कारण है कि दो वर्षों से आईपीएस अफसरों के तबादले नहीं हुए हैं। वहीं जम्मू के डीआईजी का पद भी कई महीनों से खाली पड़ा है। अधिकारियों की कमी से कई जगहों पर तैनाती नहीं हो पा रही।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में आईपीएस अफसरों का सैंक्शन स्ट्रेंथ 81 है, जबकि मौजूद 68 हैं। इसमें से भी 17 इस समय डेपुटेशन पर हैं। हाल ही में डीआईजी विधि कुमार विरदी और एसएपी तेजिंदर सिंह को एनआईए में डेपुटेशन देकर भेजा गया है। कई अफसर ऐसे हैं, जो दस सालों से राज्य से बाहर हैं।
नवीन अग्रवाल 2016, एसएम सहाय 2016, एलके मोहांती 2017, आरआर स्वैन 2016, एच के लोहिया 2016, पंकज सक्सेना 2010, राजेश कुमार 2018, सुनील कुमार 2018, विप्लव चौधरी 2017, नीतिश कुमार 2018, उत्तम चंद 2017, केशव राम 2012, सुनील गुप्ता 2018, अब्दुल जबार 2016, उदय भास्कर बिल्ला 2017, विधि कुमार विरदी 2019, तेजिंदर सिंह 2019 डेपुटेशन लेने वालों में शामिल हैं।