जम्मू। जम्मू कश्मीर निजी औद्योगिक संपदा विकास नीति 2021-30 में पारदर्शिता के साथ सरल प्रक्रिया को अपनाने के प्रावधान किए गए हैं। औद्योगिक संपदाओं/पार्क क्षेत्र में निजी निवेशकों के आवेदनों की 7 दिन में स्क्रीनिंग को सुनिश्चित बनाया जाएगा। इसके लिए संभाग स्तरीय मूल्यांकन समिति काम करेगी।
समिति में निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग (संबंधित डिवीजन) को चेयरमैन, संयुक्त निदेशक (विकास) निदेशालय उद्योग एवं वाणिज्य को सदस्य सचिव, जनरल मैनजर डीआईसी संबंधित, कार्यकारी अभियंता, ईएमएंडआरई विंग विद्युत विकास विभाग, जनरल मैनेजर सिडको, जनरल मैनेजर सिकॉप, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि और जेएंडके बैंक के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। समिति में एक अन्य सदस्य को भी नामित किया जा सकता है। मूल्यांकन समिति तय मानकों में प्रस्ताव का स्तर, रोजगार सृजन के अवसर, आवेदनकर्ता की शैक्षणिक योग्यता, उनका अनुभव, भूमि के इस्तेमाल, महिला उद्यमिता/पूर्व कर्मी, शेड्यूल कास्ट, स्रोत साधन को देखा जाएगा। समिति की ओर से प्रारंभिक जांच के बाद आवेदन को संबंधित मंडलायुक्त को भेजा जाएगा। इस दस्तावेज को आवेदन के 15 दिन के भीतर जारी किया जाएगा। संभाग स्तरीय समिति सात दिन के भीतर आवेदन को प्रोजेक्ट क्लीयरेंस समिति के पास भेजेगी। इसमें 30 दिन के भीतर प्रस्ताव का निपटारा किया जाएगा। प्रोजेक्ट क्लीयरेंस समिति में प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को चेयरमैन, निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग (संबंधित) को सदस्य सचिव बनाया गया है। सदस्यों में राजस्व विभाग से प्रतिनिधि (अतिरिक्त सचिव रैंक से कम नहीं), विद्युत विकास विभाग (अतिरिक्त सचिव रैंक से कम नहीं), वन विभाग से प्रतिनिधि (अतिरिक्त सचिव के रैंक से कम नहीं), आवास व शहरी विकास विभाग के प्रतिनिधि (अतिरिक्त सचिव के रैंक से कम नहीं), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एमडी सिडको, एमडी सिकॉप और एक अन्य उद्योग से प्रतिनिधि नामित किया जा सकता है। समिति को मामले का 45 दिन के भीतर निपटारा करना होगा। क्लीयरेंस समिति से मंजूरी मिलने के बाद मामले को संबंधित प्राधिकरण के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।