कश्मीर के हालातों के कारण जम्मू-कश्मीर में निवेश को भी झटका लगा है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां करीब 12 सौ करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही थी। इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई।
अब इन कंपनियों ने फिलहाल निवेश को टाल दिया है। हालात ठीक होने के बाद निवेश करने की प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाएगा। खराब हालात रियासत के विकास में रोड़ा बनते जा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती के बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा जम्मू-कश्मीर में निवेश करने के लिए अभियान चलाया। कई कंपनियां तैयार भी हुईं और प्रोजेक्ट रिपोर्ट को तैयार किया गया। जम्मू कश्मीर में ब्लू स्टार, आईटीसी, डाबर, एवर रेडी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां निवेश के लिए तैयार हो र्गईं।
चालू वित्त वर्ष मेें ही इन कंपनियों को पूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निवेश करना था। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में कंपनी ने निवेश की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जमा कराई। अब इस प्रक्रिया को कंपनी ने धीमा कर दिया है। हालांकि कठुआ स्थित चिनाब टेक्सटाइल मिल अपना विस्तारीकरण करके निवेश कर रही है।
पहले से स्थापित मिल कठुआ में शांत क्षेत्र में मौजूद है। इसके कारण उनके निवेश करने की प्रक्रिया जारी है। सूत्रों के अनुसार कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कुछ समय के लिए प्रक्रिया को टाल दिया है। कश्मीर के रंगरेथ या जम्मू में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश किया जाना था।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इन कंपनियों के लिए पूरी सहूलियत मुहैया कराने के आदेश दिए थे। संबंधित सभी विभागों से एनओसी की प्रक्रिया को तेज करने के आदेश दिए। अब कश्मीर में पैदा हुए हालात के कारण मामला टल गया है।