जम्मू में सिपाही से छीनी गई एके 47 अभी तक पुलिस को नहीं मिली है। न ही मुख्य आरोपी आमिर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आमिर का आतंकवाद से भी कोई लिंक नजर नहीं आया। लेकिन उसके दिमाग में क्या है? इस बात ने पुलिस को परेशान कर दिया है। प्रधानमंत्री के उधमपुर दौरे से पहले गन और आमिर का न मिलना एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।
अब तक मुख्य आरोपी का कोई सुराग पुलिस के पास नहीं आया। जानकारी के अनुसार पुलिस कांस्टेबल से छीनी गई राइफल में 37 गोलियां भी हैं। यदि आमिर का इरादा किसी आतंकी घटना से हुआ तो वह बड़ी साजिश को अंजाम दे सकता है। आईजी जम्मू एसडी सिंह जंबाल का कहना है कि यह घटना शुरुआती जांच में किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा ही कही जा सकती है।
बाकी उसके दिमाग में क्या चल रहा है, यह कहना संभव नहीं। इसमें कोई दो राय नहीं कि पीएम के दौरे से पहले उसका नहीं पकड़ा जाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए पुलिस ने पूरे सुरक्षा तंत्र को लगाया हुआ है। आरोपी की तलाश में बहुत सी जगह अभियान चलाया हुआ है। बहुत से सुराग उससे संबंधी मिल चुके हैं।