पर्यटन विभाग की निदेशक सुषमा चौहान
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केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत जम्मू संभाग में पर्यटन का कायाकल्प होगा। इस योजना के तहत चार टूरिज्म सर्किट विकसित किए जाएंगे। इन सभी सर्किट की 80 फीसदी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बना ली गई है। बाकी का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा। ऐसी ही कई योजनाओं को लेकर संवाददाता अजय मीनिया ने पर्यटन विभाग की निदेशक सुषमा चौहान से बात की। पेश हैं उनसे बातचीत के कुछ प्रमुख अंश...
कटड़ा से बार्डर तक फोकस
स्वदेश दर्शन योजना के तहत जम्मू संभाग के कटड़ा, सुचेतगढ़ बार्डर, सिद्दड़ा गोल्फ कोर्स, शिवखौड़ी को विकसित किया जाएगा। संभाग के इन चार पर्यटन स्थलों पर पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। पहले चरण में हम इन स्थलों को विकसित करेंगे। इस योजना के तहत इन पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचे को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि देशभर के आने वाले पर्यटकों को किसी चीज की कमी न हो। वह हर तरह से पर्यटन को इंज्वाय करें। पर्यटक इन स्थलों पर पहुंचकर बेहतर महसूस करेंगे। यह चारों स्थल आपस में जुड़े होंगे।
एडवेंचर और धार्मिक पर्यटन पर जोर
जम्मू संभाग में धार्मिक और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। जम्मू में बहुत से धार्मिक स्थल हैं। इनमें वैष्णो देवी, शिवखौड़ी सहित कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां देश के हर कोने से धार्मिक पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा एडचेंवर का काफी स्कोप है। हमारी कोशिश है कि अगले चरण में इन स्थलों को विकसित किया जाए। इसके लिए विभाग कई तरह की गतिविधियां आयोजित करेगा। विभाग कई जगहों पर नए टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर भी विकसित करेगा। विभाग राजोरी पुंछ सहित अन्य जिलों में भी स्वदेश दर्शन योजना के तहत काम करेगा। उन पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा, जो अब तक लोगों की नजर से दूर रहे हैं।
जरूर होगा जम्मू फेस्टिवल
पिछले कई साल से बड़े पैमाने पर होने वाले जम्मू फेस्टिवल के आयोजन के हर बार स्थगित हो जाने पर चौहान का कहना है कि ऐसे आयोजन बजट पर निर्भर करते हैं। हर साल जम्मू फेस्टिवल को बैसाखी फेस्टिवल के रूप में मनाया जाता है। इस बार बड़ा आयोजना होगा। इसके लिए पर्याप्त बजट का बंदोबस्त किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की परेशानी पेश न आए। विभाग सबके सहयोग से इसका आयोजन करेगा।