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भाजपा ने नहीं, कोर्ट ने रोशनी एक्ट को करार दिया असांविधानिक -अनुराग

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अनुराग ठाकुर।
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जम्मू। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और जम्मू-कश्मीर जिला विकास परिषद चुनाव में भाजपा के प्रभारी अनुराग ठाकुर का कहना है कि ये चुनाव अनुच्छेद 370 हटने से आईं तब्दीलियों को दर्शाते हैं। परिवारवाद से चलते कुछ सियासी दलों ने यहां जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को बहाल नहीं होने दिया। जिला विकास परिषद चुनाव जम्मू-कश्मीर में बदलाव की बयार का प्रतीक है। ऐसे में भाजपा के लिए यह चुनाव बेहद अहम है। यहां पेश हैं अनुराग ठाकुर से अमर उजाला की बातचीत के प्रमुख अंश।
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सवाल : भाजपा ने अन्य दलों की तुलना में जिला विकास परिषद चुनाव में ज्यादा ताकत झोंकी है। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर राष्ट्रीय नेता यहां प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के लिए इस चुनाव की इतनी अहमियत क्यों हैं ?
जवाब: देश में जम्मू-कश्मीर एकमात्र प्रदेश रहा, जहां अनुच्छेद 370 के रहते जिला विकास परिषद के चुनाव कभी नहीं हो सके। अनुच्छेद 370 खत्म कर अब यहां भी हिमाचल, पंजाब की तरह पंचायती राज व्यवस्था बहाल होगी। युवा व नागरिक विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। जम्मू-कश्मीर में पारिवारिक पार्टियां चुनावी में धांधली कर सत्ता में आ जाती थीं। धरातल पर लोकतंत्र को मजबूत नहीं होने दिया। मोदी सरकार के नेतृत्व में भाजपा के लिए डीडीसी चुनाव जम्मू-कश्मीर में शांति, खुशहाली और विकास के लिए अहम हैं, इसीलिए पार्टी इसे गंभीरता से ले रही है।
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सवाल: पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती कह रही हैं रोशनी एक्ट को जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने पारित किया था। भाजपा इसे घोटाले का रूप देकर सियासी लाभ हासिल करना चाह रही है?
जवाब: रोशनी एक्ट को भाजपा ने नहीं, हाईकोर्ट ने गैर कानूनी एवं असांविधानिक बताकर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी है। हाईकोर्ट के आदेश पर ही प्रतिदिन रोशनी एक्ट व सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के नामों की सूची जारी हो रही है। नेकां और पीडीपी की सरकारें पहले प्रदेश में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने में लगी रहीं। भाजपा के लिए सत्ता जन सेवा का माध्यम है। पारिवारिक दल लूटने की मंशा रखते हैं। महबूबा का बयान दर्शाता है कि उन्हें भारत की न्याय प्रणाली पर भी विश्वास नहीं हैं।
सवाल: डीडीसी चुनाव में भाजपा के कई पूर्व विधायक और नेता बागी हो गए। पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ वे चुनाव लड़ रहे हैं? बागी नेताओं पर कार्रवाई में देरी का कारण क्या है।
जवाब: भाजपा अनुशासित पार्टी है। यहां व्यक्ति से ज्यादा संगठन और उसकी विचारधारा का महत्व है। बागी तेवर अपनाने वाले नेताओं पर कार्रवाई हो रही है। पुरमंडल सीट पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ खड़े होने वाले पार्टी के नेता को निष्कासित किया जा चुका है। अन्य कई नेताओं को भी नोटिस दिए गए हैं।
सवाल: भाजपा नेताओं पर आतंकी हमलों के बाद कश्मीर में कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता इस्तीफा दे चुके हैं। घाटी में भाजपा की रणनीति क्या है?
जवाब: कश्मीर की तरह पश्चिम बंगाल और केरल में भी भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हमले होते रहे हैं। इन सभी जगहों पर भाजपा मजबूत होती जा रही है। पार्टी की इकाइयां वहां पर काम कर रही हैं और कई केंद्रीय नेता व संगठन के पदाधिकारी वहां डीडीसी चुनाव के लिए प्रचार भी कर रहे हैं।
सवाल: गुपकार गठबंधन अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए एकजुट है। 370 की वापसी के लिए चीन और पाकिस्तान से मदद के बयान दिए जा रहे हैं?
जवाब: अनुच्छेद 370 और 35ए को भारतीय संसद ने हमेशा के लिए कब्र में दफना दिया है। वह अब कभी जिंदा नहीं हो सकता। गुपकार गठबंधन में शामिल दल ठगबंधन करके लोगों को झूठ परोस रहे हैं। चीन और पाकिस्तान से मदद मांग रहे हैं। राष्ट्र विरोधी बातें करने वालों को जम्मू-कश्मीर की जनता चुनाव में कड़ा सबक सिखाएगी। युवाओं को बंदूक उठाने के लिए उकसाने वालों को जनता देख रही है।
सवाल: जम्मू-कश्मीर के विकास का सपना मोदी सरकार ने दिखाया है, लेकिन अब तक यह काम धीमी गति से चलने के आरोप लगते रहे हैं।
जवाब: अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूती देने का काम पहली बार शुरू हुआ है। डीडीसी चुनाव हो रहे हैं। कश्मीर के लोगों ने भी भारी मतदान कर लोकतंत्र विरोधियों को कड़ा संदेश दिया है। 70 हजार नौकरियां जल्द प्रदेश के युवाओं को मिलेंगी। 18 हजार नौकरियों के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हम बैलेट से लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं।
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