भिंड़रवाला पोस्टर विवाद के बाद लोगों की भावनाएं भड़काने में सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। जम्मू के डीएम सिमरनदीप सिंह ने पांच सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को अपनी इंटरनेट सेवाएं तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि कल पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई थी जबकि पांच युवक घायल हो गए थे, इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से जख्मी हुए। कुछ लोग घटना के गलत तथ्य पेश करके लोगों की भावनाएं भड़काने का प्रयास कर रहे थे ऐसे में इलाके में हिंसा भड़कने की संभावना थी, लिहाजा प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का फेसला लिया है।
बताते चलें कि, भिंडरावाले के पोस्टर पर बुधवार से शुरू हुआ बवाल वीरवार को जानलेवा हिंसा में तब्दील हो गया। पोस्टर हटाने के विरोध में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों और पुलिस में जमकर टकराव हुआ। पुलिस की गोली से एक युवक की मौत हो गई। दोनों पक्षों के कई दर्जन लोग जख्मी हैं। देर शाम थाना क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया। घटना की दांडिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। रात होते होते रियासत के कई इलाकों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे जो की अभी भी जारी हैं। सेना ने देर शाम एयरपोर्ट रोड सहित कई अन्य इलाकों में फ्लैग मार्च किया।
पोस्टर पर भड़की हिंसा में दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े। फिर हवाई फायरिंग की। दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ हुई। कई वाहन बुरी तरह चकनाचूर हो गए। पानी की बौछार करने वाले पुलिस वाहन के शीशे तोड़ दिए गए। आसपास के घर भी अछूते नहीं रहे। कई घरों के दरवाजे-खिड़कियों को नुकसान पहुंचा।
सतवारी एयरपोर्ट से आरएस पुरा की ओर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया। पुलिस की गोली से जान गंवाने वाले जगजीत सिंह चोहाला इलाके के रहने वाले थे। उनकी आंख के पास गोली लगी। दो पुलिस कर्मियों सहित पांच घायलों को जीएमसी में भर्ती कराया गया।
बीती शाम पुलिस द्वारा जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर वाला पोस्टर हटाने से उठा विवाद थम गया सा लगा था। वीरवार की सुबह पोस्टर फिर उतार लिए जाने से फिर विवाद खड़ा हो गया। एहतियात के तौर पर सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पानी की बौछार और आंसू गैस छोड़ने वाले वाहन भी बुला लिए गए। दोपहर होते-होते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सिख प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर रास्ता बंद कर दिया। इस दौरान स्टेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन त्रिलोचन सिंह वजीर भी मौके पर पहुंच गए। पूर्व मंत्री रमण भल्ला भी पहुंचे, लेकिन डीसी ने उन्हें वहां ठहरने नहीं दिया। करीब पौने तीन बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े पर प्रदर्शनकारियों की एक न चली। देर तक हिंसक झड़प होती रही। पुलिस ने रिहायशी इलाकों में भी उस ओर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिधर से पथराव किया जा रहा था।
प्रदर्शनकारी पीछे हटने की बजाय पुलिस से भिड़ते रहे। स्थिति अनियंत्रित देख पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को गोली लगी। देर शाम तक हालात काबू में आते न देख प्रशासन की ओर से उस इलाके में कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया। हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण हैं।