वहीं इस केंद्र के प्रभारी वाहीद अहमद ने बताया कि हम परीक्षा और नौकरी के फॉर्म भरने में उनकी मदद करते हैं। हमने यहां 6 काउंटर और डीसी कार्यालय में 4 काउंटर स्थापित किए हैं। केवल टीआरसी केंद्र में अभी तक यहां लगभग 10 हजार से अधिक छात्र इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
आतंकी करते हैं दुरुपयोग
गौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों मानती हैं कि सीमा पार पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका घाटी के लोगों को भड़काने और घाटी में मौजूद आतंकियों को निर्देश देने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और यही कारण है कि इंटरनेट सेवा को स्थगित रखा गया है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा समीक्षा बैठक की जाएगी जिसके बाद घाटी में ब्रॉडबैंड इंटरनेट को बहाल किया जा सकता है।