रियासत में कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर घमासान तेज हो गया है। दो धड़ों में बंटी पार्टी एक-दूसरे गुट को चित करने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाह रही है। ताजा घटनाक्रम में सोज समर्थक विधायकों ने मोर्चा खोलते हुए पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
इससे सोज और आजाद समर्थकों के बीच गुटबाजी और तेज होने की संभावना है। हालांकि, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद पहले ही इस प्रकार की अनुशासनहीनता पर नाराजगी जता चुके हैं। वीरवार को विधायकों की हुई बैठक में रियासत के राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई।
बैठक में पार्टी नेताओं द्वारा अनर्गल बयानबाजी करने पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि यह अनुशासनहीनता है। विधायकों ने ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए पार्टी नेतृत्व को अधिकृत करते हुए कहा कि इन्हें पार्टी से निकाला जाना चाहिए।
अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी तय किया गया कि केवल अधिकृत प्रवक्ता ही पार्टी की नीतियों तथा विचारों को मीडिया के सामने रखे। दूसरा कोई भी बयानबाजी न करे।
बैठक में नवांग रिगजिन, गुलाम मोहम्मद सरूरी, एजाज अहमद खान, विकार रसूल वानी, हाजी अब्दुल राशिद डार, उस्मान अब्दुल मजीद, मोहम्मद अमीन भट्ट, असगर अली करबिलियाई, डेल्डन नामग्याल, मुमताज अहमद, गुलजार अहमद वानी, चौधरी मोहम्मद अकरम शामिल थे।