एंटीसेप्टिक के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले डेटॉल की सीलबंद बोतल में मृत जीव पाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पेशे से मेडिकल दुकान चलाने वाले डा. सुरिंद्र ने बताया कि उन्हें कुछ महीने पहले बाजार से पक्के बिल पर सामान लिया था, जिसमें डेटॉल की यह बोतल भी शामिल थी।
उन्होंने बताया कि सीलबंद बोतल में जीव पाए जाने की जानकारी बाकायदा कंपनी को भी दी गई, लेकिन अधिकारी कन्नी काटते रहे। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ का मामला है।
चूंकि जहां डेटॉल को एंटीसेप्टिक के तौर पर इस्तेमाल किए जाता है। इसलिए इसमें कीड़ा निकलना कंपनी की बड़ी लापरवाही है। इस संबंध में लीगल मिट्रोजली विभाग के सहायक नियंत्रक अजय वर्मा और ड्रग कंट्रोल विभाग के सहायक नियंत्रक मुनीश कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जाएगी।
सोमवार को बाकायदा बैच के सैंपल भी भरे जाएंगे और उत्पादन करने वाली कंपनी को इस संबंध में नोटिस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि बोतल सीलबंद है तो मामला सीधे तौर पर लापरवाही का है।