जम्मू संभाग के जिला राजोरी में सैन्य कैंप के बाहर हुए हमले की मजिस्ट्रियल जांच कर रहे एडीएम राजोरी सचिन देव सिंह ने बुधवार को लोगों से घटना के बारे में जानकारी मांगी है। एडीएम राजोरी को हमले के कारणों का पता लगाने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर लोगों से एक सप्ताह के भीतर घटना की जानकारी देने के लिए कहा है।
16 दिसंबर 2022 को राजोरी में सैन्य कैंप अल्फा गेट के पास हुए हमले में फल्याना निवासी कमल कुमार और सुरिंदर कुमार की मौत हो गई थी। इसमें उत्तराखंड का एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। घटना को लेकर ग्रामीण विरोध करते हुए सड़क पर उतर आए थे। मामले में सेना का कहना है कि आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में दो नागरिक मारे गए हैं। उधर, जिला प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे।
अधिसूचना में लिखा है कि, 'ग्राम फल्याना की लोग, मीडियाकर्मी या कोई अन्य व्यक्ति जिसके पास लिखित या मौखिक या किसी अन्य रूप में घटना के बारे में जानकारी है, तो एक सप्ताह के समय के भीतर जांच अधिकारी के साथ वह इसे साझा सकता है। इनपुट को टेलीफोनिक रूप से या व्हाट्सएप के माध्यम से मोबाइल नंबर 9596510500 पर साझा किया जा सकता है।'
गौरतलब है कि सैन्य कैंप के बाहर हमले के पखवाड़े भर बाद एक जनवरी 2023 को आतंकवादियों ने राजोरी शहर के ढांगरी गांव पर बड़े हमले को अंजाम दिया था। इसमें सात नागरिक मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए थे। गांव में आतंकवादी गोलीबारी में पांच लोग मारे गए थे, वहीं हमलावरों द्वारा छोड़े गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के अगले दिन फट जाने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। हमले में शामिल आतंकी अभी पुलिस और सुरक्षाबलों की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी धर-पकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी है।