उधमपुर की महिलाएं चीड़ की सुइयों को आजीविका में बदल रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू और कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन और उधमपुर जिले के चिनैनी के स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं जंगल की आग से निपटने के लिए अभिनव तरीका लेकर आई हैं। इसके तहत जंगल की आग से निपटने के लिए चीड़ के पेड़ से गिरने वाली घासनुमा तिल्लयों को विभिन्न उत्पादों में परिवर्तित किया जा रहा है।।
उधमपुर की उपायुक्त सलोनी राय ने बताया कि महिलाओं को पाइन सुइयों से विभिन्न उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो जंगल की आग को नियंत्रित करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। जंगल की आग इस मौसम में मुख्य समस्या है। चीड़ की सुइयां जंगल की आग को भड़काने में मुख्य भूमिका निभाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, नाबार्ड के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जहां 30 महिलाएं को पाइन सुइयों से विभिन्न उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल उन्हें स्वरोजगार के साथ सशक्त बनाने में भी कारगर साबित हो सकती है।