कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में बोबिया पोस्ट पर पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल हुए बीएसएफ जवान गुरनाम सिंह शनिवार देर रात शहीद हो गए। भलेश्वर मगोवाली (आरएस पुरा) निवासी गुरनाम का जीएमसी में उपचार चल रहा था। वे आईसीयू में थे, पर उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था।
गुरनाम की शहादत के बाद उनके परिवार के लोग मातम में डूब गए हैं । एक ओर जहां गुरनाम की शहादत से पूरे गांव में शोक का माहौल है वहीं लोगों को बेटे की शहादत का गर्व भी है । शहीद गुरनाम के पिता ने कहा कि वो बिल्कुल दुखी नहीं है बल्कि उन्हें तो गर्व है कि उनके बेटे ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी है ।
बेटे की शहादत के बाद गुरनाम के पिता ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा कि हमें पाकिस्तान से जंग चाहिए । गुरनाम के पिता ने सरकार से एक सर्व सुविधा युक्त अस्पताल की स्थापना की भी मांग की । गुरनाम के पिता ने कहा कि हम चाहते हैं कि हम चाहते हैं कि यहां एक अच्छे अस्पताल की स्थापना हो जिसमें इलाज की सभी बेहतर सुविधाएं मौजूद हों ।
मां से कहा था, 'देश के लिए जान दे दूं तो रोना नहीं'
शहीद की मां जसवंत कौर
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गुरनाम की शहादत के बाद उनकी मां की आंखों में आंसू हैं । बेटे के जाने के गम में बदहवास मां का रो रोकर बुरा हाल है लेकिन इस बात का गर्व भी है कि उनके बेटे ने देश की रक्षा करते हुए शहादत पाई । गुरनाम की मां बेटे की मौत के बाद गहरे शोक में हैं ।
गुरनाम की मां जसवंत कौर ने कहा कि उनके बेटे ने उनसे कहा था कि अगर मैं कभी देश की रक्षा करते हुए अपनी जान भी कुर्बान कर दूं तो भी तुम रोना नहीं। गुरनाम की मां ने मोदी सरकार से बीएसएफ जवानों के लिए एक अलग अस्पताल की मांग की ।
बहन ने कहा 'भाई के नाम पर बने अस्पताल'
शहीद की बहन गुरजीत कौर
- फोटो : ANI
गुरनाम की बहन को भी भाई की शहादत पर गर्व है । भाई की मौत से आहत बहन पूरे परिवार को संभालने में जुटी है । गुरनाम की बहन गुरजीत कौर का कहना है कि उन्हे अपने भाई की शहादत पर गर्व है । गुरनाम की बहन ने भी सरकार से एक अस्पताल की स्थापना की अपील की ।
सरकार से अपील करते हुए गुरनाम की बहन ने कहा कि वो चाहती हैं कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों के लिए एक अलग अस्पताल की व्यवस्था हो । गुरजीत कौर ने कहा कि वो चाहती हैं कि मोदी सरकार उनके भाई शहीद गुरनाम सिंह के नाम पर एक अस्पताल का निर्माण करे ।