धर्मनगरी के साथ सटे देवा माई के जंगल में शनिवार को चार संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना के मद्देनजर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। इसमें पुलिस और सीआरपीएफ की 6 बटालियन व सेना के जवान शामिल रहे। तलाशी अभियान एक विंगर वाहन के चालक द्वारा दिए गए बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें चालक ने चार संदिग्धों के उसे वाहन सहित अगवा करने की बात बताई। हालांकि चालक के बार-बार बयान बदलने की बात भी सामने आ रही है, वह नशे में भी था।
जानकारी अनुसार शनिवार को कांजली क्षेत्र के ग्रामीणों ने पुलिस को जंगल में टाटा विंगर नंबर जेके 20-5178 की मौजूदगी की सुचना दी। मौके पर पहुंच कर पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया और चालक बंसी लाल से हुई पूछताछ की। चालक ने बताया कि चार संदिग्ध उसे वाहन सहित अगवा कर इस ओर ले आए थे। उसने बताया कि चारों संदिग्ध पिट्ठू बैग उठाए थे। दोपहर को इस बयान के तत्काल बाद आसपास हाई अलर्ट घोषित कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
थाना प्रभारी कटड़ा सुरेंद्र सांबयाल के अनुसार वाहन चालक नशे की हालत में था तथा बार-बार बयान बदल रहा है, लेकिन ऐसे बयान को संजीदगी से लेना अति आवश्यक है। चालक को पुछताछ के लिए रियासी पुलिस स्टेशन भेज दिया गया है। दूसरी तरफ सीआरपीएफ के कमांडेंट जतिंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की किसी भी जानकारी मिलने पर हरकत में आना स्वाभाविक है तथा इसी के मद्देनजर धर्मनगरी सहित आसपास के क्षेत्र में हाई अलर्ट किया गया है।
गौरतलब है कि हाल ही में झज्जर कोटली के पास तीन आतंकियों को मार गिराने की वारदात के बाद सुरक्षा तंत्र काफी सतर्क हो गया है तथा इस प्रकार की कोई भी सूचना के बाद खौफ का माहौल उत्पन्न हो जाता है। शनिवार को भी धर्मनगरी व आसपास के क्षेत्र में यही घटना चर्चा का विषय बनी रही।