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मिड-डे-मील पर पड़ रही महंगाई की मार

Thu, 22 Oct 2015 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
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दिन व दिन बढ़ रहे खाद्य पदार्थों के दाम के कारण सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील पर असर पड़ा है। शिक्षकों के लिए दी जा रही राशि से मिड-डे-मील को चलाना मुश्किल हो गया है।
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मिड-डे-मील के मेन्यू में दाल दिन व दिन गुम होती जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि एक तो पहले ही महीनों से मिड-डे-मील की राशि जारी नहीं की गई है। उस पर खाद्य पदार्थों के बढ़ रहे दामों ने हालत को खराब कर दिया है।

मिड-डे-मील चलाने के लिए सरकार की तरफ से स्कूलों को चावल सीएपीडी विभाग से उपलब्ध करवाए जाते हैं, जबकि दाल, सब्जी, तेल, मसाले व अन्य सामग्री खरीदने के लिए सरकार प्रति विद्यार्थी के हिसाब से राशि जारी करती है।
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पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी को 3.59 रुपये और छठवीं से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी को साढ़े पांच रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राशि जारी की जाती है।

इसी राशि में कुकिंग चार्ज भी शामिल किए जाते थे। लेकिन जब से खाद्य पदार्थों के दाम में बढ़ोतरी होना शुरू हुई है, तब सेे शिक्षकों के लिए मंजूरी राशि से मिड-डे-मील को चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

मंजूर राशि से शिक्षकों के लिए मिड-डे-मील में दाल खिलाना सबसे ज्यादा परेशानी पैदा हो रही है। मिड-डे-मील चलाने वाले शिक्षकों ने बताया कि पहले ही मंजूर राशि मिड-डे-मील चलाने में परेशानी पैदा कर रही थी।

लेकिन महंगाई ने हालत को ज्यादा खराब कर दिया है। महंगाई के कारण दुकानों में उधार की राशि बढ़ती जा रही है। सरकार की तरफ से पहले ही करीब एक वर्ष से मिड-डे-मील की राशि को जारी नहीं किया है।

उस पर महंगाई ने परेशानी को दुगना कर दिया है। शिक्षा विभाग पहले तो रोकी गई मिड-डे-मील की राशि को जारी करे और फिर विद्यार्थी के हिसाब से राशि में बढ़ोतरी करे।

सीईओ जम्मू जेके सूदन ने कहा कि महंगाई का असर पर मिड-डे-मील पर पड़ रहा है। लेकिन इस परेशानी के समाधान के लिए प्रयास चल रहे हैं। रोकी गई राशि को भी जल्द जारी करवाने के लिए प्रयास चल रहे हैं।
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