- मीन चाढ़का औद्योगिक क्षेत्र के विकिसत न होने का हवाला, घाटी और सांबा पसंद
- हाईकोर्ट तक पहुंची कई कंपनियां, नीति में जमीन बदलने स्पष्ट प्रावधान नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मीन चाढ़का के औद्योगिक क्षेत्र के विकसित न होने की वजह से जमीन मिलने के बावजूद कुछ कंपनियां वहां उद्योग नहीं लगाना चाहतीं। कंपनियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र का पूरा विकास नहीं हुआ और उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसी वजह से कंपनियों ने घाटी और सांबा के विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन देने की मांग की है।
दूसरी जगह जमीन देने की मांग को लेकर कई कंपनियां हाईकोर्ट पहुंचीं। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को उनकी मांग पर विचार करने के निर्देश दिए। इसके बाद ये मामले उच्च स्तरीय भूमि आवंटन समिति के सामने आए। अब अड़चन यह है कि मौजूदा औद्योगिक भूमि नीति में एक जगह आवंटित जमीन को दूसरी विकसित जगह में बदलने का साफ प्रावधान नहीं है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक अरुण मन्हास का कहना है कि सभी कंपनियों को जमीन का आवंटन करने से पहले जमीन छोड़ने का मौका दिया था। जो कंपनियां दूसरी जगह जमीन मांग रही हैं, इन्होंने पहले कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। आवंटन के बाद मांग की। वहीं औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने को लेकर उन्होंने बताया कि मीन चाढ़का बाकी औद्योगिक क्षेत्रों के मुकाबले कम विकसित है लेकिन विभाग प्राथमिकता से इसे विकिसत करने में लगा हुआ है। जल्द ही इसके नतीजे दिखेंगे।
इन कंपनियों को मीन चाढ़का में औद्योगिक क्षेत्र नहीं आया पसंद
1- मॉडर्न प्रोपैक : मीन चाढ़का में मिली 13 कनाल जमीन के बदले कंपनी ने विकसित औद्योगिक क्षेत्र में जमीन मांगी है। उसकी पसंद घाटी, कठुआ है।
2- धृतिया फॉयल्स : पांच कनाल जमीन मिलने के बाद कंपनी ने दूसरी विकसित जगह में जमीन देने का आग्रह किया है। इसके लिए भी घाटी, कठुआ को प्राथमिकता दी गई है।
3- एरोन फार्मा फॉयल्स : कंपनी को मीन चाढ़का में 15 कनाल जमीन आवंटित हुई थी। अब उसने दूसरी विकसित औद्योगिक जगह में जमीन देने की मांग की है और घाटी, कठुआ को प्राथमिकता बताई है।
4- अल्मेक्स रोलिंग मिल्स : कंपनी को मीन चाढ़का में दो प्लॉट में कुल 20 कनाल जमीन मिली थी। अब उसने घाटी, कठुआ या सांबा के औद्योगिक क्षेत्र में 20 कनाल जमीन देने की मांग की है।
5- केके इंडस्ट्रीज : कंपनी ने मीन चाढ़का की जगह बदलकर सांबा के सिडको औद्योगिक क्षेत्र में जमीन देने का आग्रह किया है।
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