जम्मू में एक साल से एमस्टी स्कीम का लाभ उद्योगपति नहीं ले पाए। 31 मार्च को योजना को बंद कर दिया गया है। अभी तक इसका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया है। इसका असर अब उद्योग जगत पर पड़ा है। तीस से ज्यादा उद्योगों से बिजली बिल अदा नहीं किए गए हैं। ये उद्योग बाड़ी ब्राह्मणा, सांबा और कठुआ में चल रहे हैं।
उद्योगपतियों की ओर से बिलों की अदायगी नहीं की गई है। इस पर बिजली कॉरपोरेशन की ओर से बिजली ही काट दी गई। उद्योगों में कामकाज बंद हो गया। उद्योगाें से कॉरपोरेशन को पचास लाख रुपये की राशि वसूल करनी है। बताया जा रहा है कि पहले एमस्टी योजना के तहत बिल किश्तों में अदा करने के निर्देश दिए गए। स्कीम का कार्यकाल एक साल तक बढ़ाया गया।
इसके बावजूद भी बिल अदा नहीं किए गए। बिल न आने पर बिजली काटने के बाद फिर से उद्योगपतियों की ओर से एमस्टी योजना का समय बढ़ाने को कहा जा रहा है। अभी तक कॉरपोरेशन की ओर से कोई भी फैसला नहीं लिया गया है।
क्रेशर मालिक भी अदा नहीं कर रहे बिल
क्रेशर मालिक भी बिल अदा नहीं कर रहे हैं। हालांकि, मौजूदा समय में क्रेशर बंद चल रहे हैं। चोरी छीपे जो क्रेशर चल रहे हैं। यहां से भी बिल नहीं आ रहा है। बिजली कॉरपोरेशन को बीस करोड़ रुपये क्रेशर मालिकों से वसूल करना है। तीस से ज्यादा क्रेशर मालिकों ने बिल अदा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार बिल न देने पर एचटी लाइन को काट दिया गया है। यहां से हाई वोल्टेज कनेक्शन दिए गए थे।
क्रेशर मालिकों के बिल अदा न करने पर एचटी लाइन से कनेक्शन काट दिए गए हैं। उद्योगपति भी बिल अदा नहीं कर रहे हैं। एमस्टी स्कीम का समय बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। जल्द से जल्द उद्योगपति बिलों की अदायगी करें। बिल का करोड़ों रुपये वसूल करना है। -गुरमीत सिंह, एमडी, बिजली कॉरपोरेशन
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