राज्य और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के बीच लंबित मसलों को बैठकों और संवाद के जरिये हल किया जा सकता है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय राज्य सरकार को विद्युत उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और बीस हजार मेगावाट की क्षमता का दोहन करने के लिए पूरा सहयोग करेगा।
उन्होंने राज्य सरकार, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय और राज्य सरकार के अफसरों को चिन्हित प्रोजेक्टों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपार्ट तैयार करने की हिदायत दी ताकि उन पर जल्द काम शुरू किया जा सके।
गोयल ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार नई जल विद्युत परियोजनाओं के लिए आर्थिक मदद भी मुहैया कराएगी।
'राज्य के हवाले की जाए जल संधि परियोजना'
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में एनएचपीसी के अधीन जल विद्युत परियोजनाओं को राज्य के हवाले करने की मांग दोहराई। उमर ने तर्क दिया कि सिंधु जल संधि से भारत और पाकिस्तान को फायदा, लेकिन जम्मू-कश्मीर को इससे सिर्फ नुकसान हुआ। नुकसान की भरपाई होनी चाहिए।
शनिवार को उमर ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया। गोयल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिदायत पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों की टीम के साथ राज्य में नए पावर प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय बैठक करने पहुंचे थे।
'अपने पानी का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हम'
उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि सिंधु जल संधि की वजह से जम्मू-कश्मीर अपने जल स्रोतों का पूर्ण रूप से जल विद्युत उत्पादन, सिंचाई और पीने के पानी के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर जम्मू के लिए आगामी 25 साल को ध्यान में रखकर चिनाब नदी से पानी लाने के प्रोजेक्ट में यह संधि आड़े आई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले छह साल के दौरान राज्य में 1500 मेगावाट के प्रोजेक्टों पर काम शुरू हुआ है।
9000 मेगावाट की क्षमता वाले पावर प्रोजेक्टों को अमलीजामा पहनाने की कवायद जारी है।
'जम्मू-कश्मीर को तवज्जो दे रहे हैं पीएम मोदी'
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत राज्य को पावर सेक्टर और अन्य क्षेत्रों में विकास के लिए फंड मिला। केंद्र सरकार ने राज्य में विभिन्न पावर प्राजेक्टों के निर्माण और विकास के लिए जो फंड रखा था उसका इस्तेमाल नहीं किया।
लिहाजा पीएमआरपी के जरिये यह फंड राज्य सरकार को दिया जाए ताकि इसका इस्तेमाल पावर प्रोजेक्टों पर किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर में जल विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष तवज्जो दे रहे हैं।