कश्मीर आकर पछता रही हूं। मुझे यहां नहीं आना चाहिए था। मैं यहां की भाषा को नहीं समझती हूं और न ही कश्मीर की नागरिक हूं। आतंकी मुठभेड़ ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी है। यह कहना है इंडोनेशियाई महिला सैमा का। जो अपने पति आबिद हुसैन की मौत के बाद अपने वतन लौटना चाहती है। उसने अपना सामान बांध लिया है।
सैमा ने बताया कि आबिद ने श्रीनगर के हालातों के बारे में नहीं बताया था। यहां पर हर दिन गोलीबारी और दूसरी घटनाएं हो रही हैं। पुलवामा के सिरनू निवासी आबिद हुसैन एमबीए कर नौकरी के लिए 2016 में इंडोनेशिया गया। यहां पर सैमा नामक महिला से उसकी पहचान हुई और बाद में उन्होंने शादी कर ली।
दिसंबर के पहले हफ्ते में वह अपने पति के साथ पुलवामा अपने ससुराल आई थी। गत 15 दिसंबर को आतंकी मुठभेड़ के बाद भड़की हिंसा में आबिद की मौत हो गई। वह बाजार से बच्चे के लिए दूध लाने गया था। करीब एक घंटे बाद परिजनों और सैमा को मौत की जानकारी मिली, जिससे वह टूट गई। उसने अपने वतन लौटने का फैसला किया है।