जिले के डूल इलाके में सेना ने एक हंगरी निवासी ट्रेकर को उमासीला की बर्फ से ढंकी पहाड़ियों से बचाया है। यह ट्रेकर पर्वतारोहण के दौरान बर्फीली पहाड़ियों में भटक गया था। मौसम खराब होने के कारण वह किसी से संपर्क भी नहीं कर पाया।
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मचैल, पाडर की पर्वतमाला बर्फीली और सुदूर हैं।
इनमें एक पर्वतारोही के पांच दिन से लापता होने की जानकारी सेना को मिली थी। इसके बाद सेना ने क्षेत्र की सुमचाम घाटी में उमासीला की बर्फीली पहाड़ियों में तलाश शुरू की। जिला प्रशासन, वायु सेना और थल सेना के 30 घंटे तक चले संयुक्त तलाशी अभियान में हंगरी के बुडापेस्ट में रहने वाले 38 वर्षीय पर्यटक अकोस वर्म्स को ढूंढ लिया गया।
रेस्क्यू करने के बाद ट्रेकर की अस्पताल में स्वास्थ्य जांच कर उपचार किया गया। जब वह यात्री उपचार के बाद ठीक हो गया तो उपायुक्त किश्तवाड़ देवांश यादव ने हंगरी के दूतावास को वीडियो कॉल कर उनके नागरिक के सुरक्षित होने का संदेश दिया। सेना के प्रयासों की हंगेरियन दूतावास ने सराहना की है। उक्त ट्रेकर ने भी सेना का आभार प्रकट किया।