फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुठभेड़ के दौरान होने वाली पत्थरबाजी से सेना परेशान

Fri, 11 Mar 2016 11:19 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर

सार

  • तलाशी अभियान के दौरान करीब एक हजार लोग मौके पर जमा हो गए। चल रहे ऑपरेशन को बाधित करने का प्रयास करने लगे।
  •  जारी बयान में सेना ने स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कभी भी भीड़ द्वारा कानून को अपने हाथों में लिया गया जिससे जान-माल का खतरा पैदा होगा।
विज्ञापन
भारतीय सेना सर्च आपरेशन के दौरान - फोटो : Getty Images (File)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रीनगर में वीरवार को सेना द्वारा कश्मीर में अपने हाथ में कानून को लेने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। हाल ही में अनंतनाग जिले के अशमुकाम इलाके में गोलीबारी की घटना पर सेना द्वारा जारी किए गए बयान में कहा है कि अगर कभी भीड़ अपने हाथों में कानून लेती है और घटना स्थल पर जान-माल का खतरा बन जाता है, तो यह हालात सुरक्षा बलों को मुकाबला करने के लिए उचित कार्रवाई आरंभ करने के लिए विवश करेंगे। 
विज्ञापन


घाटी में तैनात 15 कोर के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि बीते मंगलवार को अशमुकाम के मागरे मोहल्ला में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एक संयुक्त अभियान छेड़ा गया। 

इसी बीच तलाशी अभियान के दौरान करीब एक हजार लोग मौके पर जमा हो गए। चल रहे ऑपरेशन को बाधित करने का प्रयास करने लगे। उनके द्वारा सेना और पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का साफतौर पर उल्लंघन किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पथराव और नारेबाजी में करीब एक दर्जन जवान घायल हुए

भारतीय सेना सर्च आपरेशन के दौरान - फोटो : PTI
देखते ही देखते भीड़ में से कुछ शरारती तत्वों द्वारा सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया गया और जमकर नारेबाजी की गई। लेकिन इस सबके बावजूद और भीड़ के इस उकसावे के बावजूद सुरक्षा बलों द्वारा अपने अभियान के साथ हस्तक्षेप से परहेज करने की कोशिश कर रही भीड़ में पूरा संयम बरता गया। 

भीड़ बेकाबू होती दिखी और उनके द्वारा पथराव और नारेबाजी में और तेज़ी लाई गई जिसके दौरान करीब एक दर्जन जवान घायल हुए जिनमें एक सेना का जेसीओ और जम्मू कश्मीर पुलिस का एक एएसआई भी शामिल था। 

सेना प्रवक्ता के अनुसार घटना की जांच की गई है और यह बात सामने आई है कि जवानो को और चोट न पहुंचे, हथियारों/उपकरणों  और अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान से रोकने के लिए सुरक्षा बलों को कॉशनरी फायर (चेतावनी के तौर पर फायर) खोलने के लिए मजबूर किया गया जिसमें पत्थरबाजी कर रहे 2 नागरिक घायल हुए। 

गौरतलब है कि जारी बयान में सेना ने स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कभी भी भीड़ द्वारा कानून को अपने हाथों में लिया गया जिससे जान-माल का खतरा पैदा होगा तो ऐसे में सुरक्षाबल के जवान भीड़ का मुकाबला करने के लिए उचित कार्रवाई आरंभ करने के लिए विवश हो जाएंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें