भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर दुश्मन की कायरतापूर्ण हरकत का हमारा त्वरित और जोरदार जवाब था। संदेश बहुत स्पष्ट है - वे हम पर गोली चलाएंगे और भारतीय सेना पूरी ताकत से जवाब देंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "जब हम पर भारी गोलाबारी की गई और वे हमारी सैन्य स्थिति को घेरने में विफल रहे, तो वे भारी तोपखाने और अकारण गोलीबारी के साथ निर्दोष नागरिकों और पवित्र धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने पर उतर आए। मैं अग्रिम चौकी पर कंपनी कमांडर था और मैंने स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया। हमने अपने सभी भारी हथियारों का इस्तेमाल किया और दुश्मन पर टूट पड़े। 6 मई की रात को भारतीय सेना के सभी हथियारों ने दिए गए फायर ऑर्डर से प्रत्येक दुश्मन चौकी पर सटीक हमला किया। हमने वास्तविक समय की खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए ड्रोन सहित उच्च-स्तरीय निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल किया, जिससे हमें उनकी बंदूक की स्थिति का पता लगाने और उन्हें पूरी तरह से नष्ट करने में मदद मिली। हमने ड्रोन-जैमिंग और स्पूफिंग का भी इस्तेमाल किया। उनकी चौकियां अब बर्बाद हो चुकी हैं।"