अखनूर सेक्टर में प्रदर्शन करते सेना के जवान।
- फोटो : एजेंसी
दुश्मन की अग्रिम चौकियों को सटीक रूप से निशाना बनाना था
एक अन्य सैनिक ने भी यही भावना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका काम दुश्मन की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाना था, जो आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे और घुसपैठ का समर्थन कर रही थीं, और उन्हें सटीक रूप से बेअसर करना था। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमारा काम बहुत स्पष्ट था। हमें दुश्मन की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाना था, जो आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे और घुसपैठ का समर्थन कर रही थीं, और उन्हें सटीक रूप से बेअसर करना था।
अखनूर सेक्टर में प्रदर्शन करते सेना के जवान।
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गोली उन्होंने चलाई थी, धमाका हमने किया
भारतीय सेना के अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सोच-समझकर मिशन केंद्रित अभियान था। इसका उद्देश्य दुश्मन के आतंकी ढांचे और घुसपैठ में मदद करने वाली चौकियों को नष्ट करना था। सोमवार को जम्मू में प्रेसवार्ता के दौरान सेना के एक मेजर रैंक के अधिकारी ने कहा कि गोली उन्होंने चलाई थी, पर धमाका हमने किया।
भारतीय सेना ने अत्याधुनिक रडार सिस्टम और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल किया। सैनिकों का जज्वा चर्म पर था। पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी के बावजूद भारतीय सेना ने सुनिश्चित किया कि उसकी ओर से कोई हताहत न हो। मेजर ने कहा, जब दुश्मन ने हमारे नागरिक क्षेत्रों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू किया, तो हमने तय कर लिया कि अगर वे हमारे गांव पर गोले दागेंगे, तो हम उनकी चौकियों को भी नष्ट कर देंगे। हमारा हर गोला उनके लिए जवाब था।
अखनूर सेक्टर में प्रदर्शन करते सेना के जवान।
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पाकिस्तान के छेड़े गए छद्म युद्ध का जवाब देंने को बाध्य हुई सेना
सैन्य अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान के छेड़े गए छद्म युद्ध ने भारत को उचित तरीके से जवाब देने के लिए मजबूर किया। नियंत्रण रेखा पर जवान और मशीनें पूरी तरह से तैयार हैं। पीर पंजाल रेंज के दक्षिण में दुश्मन की हरकतों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। हम चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर हैं और सीमा पर हर हरकत पर नजर रख रहे हैं।
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