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लद्दाखः वायुसेना और सेना की मदद से एयरलिफ्ट किए गए 71 ट्रैकर्स, चादर ट्रैक पर थे फंसे

Thu, 16 Jan 2020 02:45 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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चादर ट्रैक - फोटो : ani
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लद्दाख में मौसम का मिजाज ठीक होते ही जांस्कार ट्रैक से 71 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इससे पहले नेरक गांव में ठहराए गए ट्रैकर्स के लिए प्रशासन ने सोमवार को चॉपर से रेस्क्यू कर लेह पहुंचाने की योजना बनाई थी लेकिन खराब मौसम की वजह से सफलता नहीं मिली थी। बर्फबारी जारी रहने से चॉपर उड़ान नहीं भर सके। ट्रैकर्स को सुरक्षित लेह तक पहुंचाने के लिए वायुसेना और सेना की मदद ली जा रही है।

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एसएसपी लेह सरगुन शुक्ला ने सोमवार को कहा था कि सभी ट्रैकर्स नेरक गांव में सुरक्षित हैं, जहां प्रशासन की ओर से उन्हें जरूरत का सभी सामान मुहैया कराया जा रहा है। बर्फबारी जारी रहने से चॉपर उड़ान नहीं भर सकें हैं। मौसम अनुकूल होते ही ट्रैकर्स को लेह पहुंचा दिया जाएगा। इसी क्रम में आज यानी कि गुरुवार को 70 ट्रैकर को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

ज्ञात रहे कि चादर ट्रैक पर गए दो ग्रुप में शामिल 41 लोगों के दल को रविवार को प्रशासन की ओर से सुरक्षित रेस्कयू कर लिया गया था। जमी हुई जंस्कार नदी पर पानी बढ़ जाने के चलते ट्रैकर्स के यह दल अपने अपने कैंप पर रिपोर्ट नहीं कर पाए और रात जिंदगी और मौत के बीच गुजारने को मजबूर हो गए। लापता हुए ट्रैकर्स टिब्ब गुफा और नेरक झरने के रूट में जलस्तर बढ़ने से रूक गए थे।
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विश्व के सबसे जोखिम भरे ट्रैक में से एक चादर ट्रैक लेह और जांस्कार को जोड़ने वाली जमी हुई जांस्कार नदी पर जनवरी और फरवरी माह के बीच अंजाम दिया जाता है जिसमें हर साल सैंकड़ों की तादाद में देश और विदेश से रोमांच के दिवाने पहुंचते रहे हैं। इस बार ट्रैक को सात जनवरी से शुरू करवाया गया था।

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