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पाक को सुंजवां हमले के सबूत भी देंगे और जवाब भी: निर्मला सीतारमण

Tue, 13 Feb 2018 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू के सुंजवां सैन्य कैंप हुए आतंकी हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को कसूरवार ठहराया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पाक को हम इस हमले के सबूत भी देंगे और जवाब भी। उसे इस करतूत की कीमत चुकानी पड़ी। मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है जो जल्द अपनी रिपोर्ट देगा। 
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रक्षा मंत्री ने कहा, पाक को अपनी करतूत की कीमत चुकानी होगी

रक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार को बताया कि सुंजवां में सेना का ऑपरेशन खत्म हो चुका है। हमले के पीछे पाक स्थित आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद और इसके सरगना मसूद अजहर का हाथ है। उसी ने हमले के लिए आतंकियों को पाकिस्तान से भेजा था। ये आतंकी कुछ दिन पहले ही घुसपैठ कर सेना की वर्दी में जम्मू में दाखिल हुए थे। 

उन्होंने आतंकियों को स्थानीय मदद मिलने से भी इनकार नहीं किया

उन्होंने हमलावर आतंकियों को स्थानीय मदद मिलने से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि खुफिया इनपुट मिले हैं कि इन आतंकियों को सीमापार बैठे आका लगातार निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हर बार आतंकी हमलों में उसका हाथ होने के सबूत दिए जाते हैं लेकिन उस पर कोई असर नहीं होता है पर इस बार उसे इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हमले में पांच जवान शहीद हुए हैं और एक नागरिक की भी मौत हुई है। 
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सेना ने तीन आतंकियों को जवाबी कार्रवाई में मार गिराया। रक्षा मंत्री के मुताबिक, खबरों में चार आतंकियों के होने की बात सामने आ रही है लेकिन हो सकता है कि चौथा आतंकी गाइड बनकर आया हो और कैंप के अंदर न गया हो। इससे पहले रक्षा मंत्री ने सैन्य अस्पताल में जाकर घायलों से मुलाकात की। साथ ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से राज्य के हालातों पर चर्चा भी की। 

सुंजवां सैन्य ब्रिगेड पर हुए हमले की जानकारी लेने के बाद रक्षामंत्री ने पत्रकारों से आतंकी हमले के पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हमला पाक प्रायोजित जैश-ए-मोहम्मद ने किया है। पाकिस्तान में रहने वाले अजहर मसूद ने वहां रहकर हमले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले के इनपुट से हम पहले से अलर्ट थे। हमने क्यूआरटी को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया था। 

पाक प्रायोजित आतंकियों की ओर से सॉफ्ट टारगेट को निशाना बनाए जाने की आशंका पर सुंजवां क्वॉर्टर में भी क्यूआरटी की तैनाती की गई थी। बताया कि आतंकियों के दाखिल होने के बारे में संतरी को तत्काल जानकारी हो गई थी। इस वजह से तत्काल क्यूआरटी ने आतंकियों को चुनौती दी और मुठभेड़ शुरू हो गई। इससे घबराकर आतंकियों को एक साथ रहने के बजाय भागकर अकेले-अकेले रहने को मजबूर होना पड़ा। 

इसके बाद आतंकियों ने पहले से निर्धारित फेमिली क्वार्टर की ओर भागकर कुछ ब्लाक को कब्जे में ले लिया। रक्षा मंत्री ने बताया कि आतंकी सेना की वर्दी में थे। उनकी शिनाख्त में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो और जानमाल का नुकसान न होने पाए, इस वजह से ऑपरेशन को थोड़ा लंबा खिंच गया। 26 ब्लॉक के सर्च तथा 189 फ्लैट से परिवार के  सदस्यों को सुरक्षित निकालना काफी चुनौती भरा काम था। उन्होंने बताया कि जो छह जानें गईं  हैं वह आतंकियों द्वारा पारिवारिक क्वार्टर पर कब्जे के लिए निहत्थे जवानों पर फायरिंग से हुई हैं।

सीमा पार के हैंडलर से नियंत्रित थे आतंकी

उन्होंने बताया कि तीन आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि चार आतंकियों की इलाके में मौजूदगी की सूचना थी। चौथा आतंकी गाइड हो सकता है जो कैंप में दाखिल नहीं हुआ था। हमला करने वाले आतंकियों ने कुछ समय पहले ही घुसपैठ कर लिया था। कैंप जम्मू शहर के बाहरी इलाके में आईबी से 30 किलोमीटर दूर है। 
यह संभावना है कि हमले से पहले उन्हें स्थानीय लोगों का सहयोग मिला है। इंटेलीजेंस इनपुट हैं कि ये आतंकी सीमा पार के हैंडलर से नियंत्रित हो रहे थे। सारे सबूतों की एनआईए जांच कर रही है। जल्द ही वह इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या आतंकियों को सहयोग पहुंचाने में रोहिंग्याओं का हाथ है तो उन्होंने कहा कि ऐसी सूचनाएं मीडिया को शेयर नहीं की जा सकती हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस को रिपोर्ट दी जाएगी। पुलिस, सेना तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय है।

पाक पीर पंजाल में भी बढ़ा रहा आतंक का दायरा

रक्षा मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान ने पीर पंजाल के दक्षिणी क्षेत्र में भी आतंक का दायरा बढ़ाया है। घुसपैठ कराने के लिए लगातार सीजफायर उल्लंघन किया जा रहा है। एलओसी पर घुसपैठ की कोशिशों को सेना लगातार विफल कर रही है। यह बेहतर काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड की बदौलत है। इसके साथ ही घाटी में आतंकी घटनाओं में भी कमी आई है।

एलओसी की सुरक्षा को 1487 करोड़ आवंटित

उन्होंने बताया कि भौगोलिक स्थितियों तथा बर्फबारी की वजह से घुसपैठ को पूरी तरह रोक पाना काफी मुश्किल है। इस वजह से आधुनिक इलेक्ट्रानिक सर्विलांस सिस्टम लगाए जाएंगे। फिलिप कंपोज कमेटी की सिफारिशों पर इसके लिए 1487 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। बार्डर पर अतिरिक्त सतर्कता के लिए सेंसर, यूएवी तथा अन्य सर्विलांस उपकरण पूरी एलओसी पर लगाए गए हैं। उन्होंने हमले में शहीद जवानों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई।

छावनी क्षेत्र में बने मकानों का हो रहा सर्वे

रक्षा मंत्री ने बताया कि छावनी क्षेत्र में काफी मकान बन गए हैं। यह छावनी की दीवार से लगकर भी बने हैं। यह केवल जम्मू में नहीं बल्कि पूरे देश में स्थिति है। पूरे देश में इसके लिए सर्वे चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला किया जाएगा।
सेना मेजर के साथ

शोपियां में फायरिंग के दौरान दो युवकों के मारे जाने के मामले में एक मेजर के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर उन्होंने कहा कि मंत्रालय तथा पूरी सेना मेजर के साथ है। यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ने उनसे पूछकर एफआईआर करवाई थी तो उन्होंने कहा कि यह सूचना मीडिया से शेयर नहीं की जा सकती है।

रक्षा मंत्री ने महबूबा से भेंट की

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भेंट की। दोनों ने राज्य में सुरक्षा, विशेषकर दो दिन पहले सीमाओं पर लगातार गोलाबारी और सुंजवां में सेना शिविर पर हुए आंतकी हमले के परिदृश्य पर चर्चा की। इससे पहले रक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री ने सैन्य अस्पताल में भर्ती घायलों का कुशलक्षेम पूछा। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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