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पाक विशेषज्ञों को कश्मीर के प्रोजेक्टों के निरीक्षण की इजाजत नहीं

Thu, 27 Sep 2018 02:05 PM IST
एजेंसी, जम्मू
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Hydropower Projects in Jammu and Kashmir - फोटो : फाइल
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सीमा पर लगातार तनाव और दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती खटास के मद्देनजर भारत ने पाकिस्तानी विशेषज्ञों का प्रस्तावित जम्मू-कश्मीर दौरा टाल दिया है। अक्तूबर माह में पाकिस्तानी विशेषज्ञ का एक दल चिनाब नदी पर बन रही दो पनबिजली परियोजना पाकल दुल (1000 मेगावाट) और लोअर कालनाई (48 मेगावाट) पनबिजली परियोजनाओं के स्थलों का निरीक्षण करने जम्मू-कश्मीर आने वाला था।
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जम्मू-कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या, बीएसएफ जवान के साथ पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से की गई बर्बरता और कश्मीर के आतंकी बुरहान वानी पर महिमा मंडन करते हुए पाकिस्तान द्वारा डाक टिकट जारी किए जाने के चलते ही भारत ने हाल ही में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की आमसभा से इतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच मुलाकात रद्द कर दी थी। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित दौरा स्थगित करने के पीछे भारत ने जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव को वजह बताया है। भारत ने कहा कि इन चुनावों के चलते फिलहाल ये दौरा संभव नहीं है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस दौरे को स्थगित करने के पीछे कुछ अन्य वजहें भी हैं।

लाहौर में हुई बैठक में बनी थी दौरे की रूपरेखा
भारत ने पिछले माह चिनाब नदी पर पनबिजली परियोजना स्थलों का दौरा करने के लिए पाकिस्तानी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया था। इसका मकसद परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की चिंता दूर करना था। पिछले महीने लाहौर में सिंधु जल संधि पर द्विपक्षीय वार्ता में भारत ने चिनाब नदी पर 1,000 मेगावाट क्षमता की पाकल दुल और 48 मेगावाट की लोअर कालनाई पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया था। भारत ने दोनों पनबिजली परियोजनाओं पर काम जारी रखने का संकेत देते हुए पाकिस्तानी विशेषज्ञों को निरीक्षण की अनुमति दी थी।
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सात से 11 अक्तूबर के बीच होना था दौरा

सूत्रों का कहना है कि पिछली बैठक में भारत ने एक पत्र के जरिए 7 से 11 अक्तूबर के बीच दौरे को मंजूरी दी थी। पत्र में कहा था पांच अक्तूबर तक कश्मीर का प्रशासन निकाय व पंचायत चुनाव कराने में व्यस्त होगा अत: निरीक्षण इन्हीं तिथियों में संभव होगा। परंतु ताजा परिस्थितियों में भारत ने दौरे को स्थगित कर दिया है तथा कोई नई तारीख भी नहीं दी है।

 
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पाक जल आयुक्त ने निराशा जताई

पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त मेहर अली शाह ने ताजा फैसले पर निराशा जताते हुए कहा है कि जब सब चीजे तय हो गई थीं तो यह निरीक्षण दौरा स्थगित नहीं होना चाहिए था। वह भी तब जब लाहौर में हुई बैठक के दौरान सब कुछ तय हो चुका था। उन्होंने कहा कि हम अपने समकक्ष से आग्रह करते हैं कि लाहौर में किे गए वायदे को निभाया जाए।

1960 में हुई थी सिंधु नदी जल संधि
पाकिस्तान में 18 अगस्त को इमरान खान के नए प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले माह लाहौर में सिंधु वाटर संधि के मुद्दे पर पहली बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच यह संधि 1960 में नौ साल के विमर्श के बाद हुई थी। इसके तहत भारत-पाकिस्तान के  जल आयुक्त एक वर्ष में दो बार चिनाब नदी पर बन रही परियोजनाओं का दौरा करेंगे।
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