Hydropower Projects in Jammu and Kashmir
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सीमा पर लगातार तनाव और दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती खटास के मद्देनजर भारत ने पाकिस्तानी विशेषज्ञों का प्रस्तावित जम्मू-कश्मीर दौरा टाल दिया है। अक्तूबर माह में पाकिस्तानी विशेषज्ञ का एक दल चिनाब नदी पर बन रही दो पनबिजली परियोजना पाकल दुल (1000 मेगावाट) और लोअर कालनाई (48 मेगावाट) पनबिजली परियोजनाओं के स्थलों का निरीक्षण करने जम्मू-कश्मीर आने वाला था।
जम्मू-कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या, बीएसएफ जवान के साथ पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से की गई बर्बरता और कश्मीर के आतंकी बुरहान वानी पर महिमा मंडन करते हुए पाकिस्तान द्वारा डाक टिकट जारी किए जाने के चलते ही भारत ने हाल ही में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की आमसभा से इतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच मुलाकात रद्द कर दी थी। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित दौरा स्थगित करने के पीछे भारत ने जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव को वजह बताया है। भारत ने कहा कि इन चुनावों के चलते फिलहाल ये दौरा संभव नहीं है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस दौरे को स्थगित करने के पीछे कुछ अन्य वजहें भी हैं।
लाहौर में हुई बैठक में बनी थी दौरे की रूपरेखा
भारत ने पिछले माह चिनाब नदी पर पनबिजली परियोजना स्थलों का दौरा करने के लिए पाकिस्तानी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया था। इसका मकसद परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की चिंता दूर करना था। पिछले महीने लाहौर में सिंधु जल संधि पर द्विपक्षीय वार्ता में भारत ने चिनाब नदी पर 1,000 मेगावाट क्षमता की पाकल दुल और 48 मेगावाट की लोअर कालनाई पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया था। भारत ने दोनों पनबिजली परियोजनाओं पर काम जारी रखने का संकेत देते हुए पाकिस्तानी विशेषज्ञों को निरीक्षण की अनुमति दी थी।