भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में हमास की तर्ज पर रॉकेट और मिसाइलों से हमला किया। जम्मू के सतवारी, सांबा, आरएसपुरा और अरनिया सेक्टरों पर आठ मिसाइलें दागी गईं।
उन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते नष्ट कर दिया। जम्मू के आसमान में धमाकों की आवाजें और रोशनी देखी गईं। पाकिस्तानी ड्रोन हमलों की कोशिशें उधमपुर, जैसलमेर (राजस्थान), और पंजाब के जालंधर तक फैली रहीं। जैसलमेर में भी ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए।
इन घटनाओं के चलते राजस्थान के बीकानेर और पंजाब के जालंधर, जम्मू, सांबा, अखनूर, अमृतसर, किश्तवाड़ जैसे इलाकों में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि सात मई की रात पाकिस्तान ने अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की।
उन्हें भारतीय एयर डिफेंस और इंटीग्रेटेड काउंटर यूएएस ग्रिड ने नाकाम कर दिया। इससे पहले भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।
सरकार ने सर्वदलीय बैठक में जानकारी दी कि इन हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि पाकिस्तान ने 22 अप्रैल को पहली बार तनाव बढ़ाया था। भारत ने संयमित, निशाने पर केंद्रित और गैर-सैन्य लक्ष्यों पर जवाबी कार्रवाई की है।
बयान में यह भी बताया गया कि भारत ने वीरवार सुबह पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया, जिसमें लाहौर स्थित एक एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल है। पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी बिना उकसावे के भारी गोलीबारी की गई, जिसमें बारामूला, उरी, पूंछ, राजौरी और मेंढर सेक्टर शामिल रहे।
इसमें अब तक 16 आम नागरिकों की जान गई है, जिनमें पांच बच्चे और तीन महिलाएं शामिल हैं। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान सीमा पर शांति बनाए रखता है, तो भारत भी तनाव नहीं बढ़ाएगा, लेकिन जबरदस्ती की गई सी भी आक्रामकता का जवाब दिया जाता रहेगा।