सीमावर्ती लद्दाख को बारह महीने देश से जोड़े रखने के लिए सामरिक महत्व की जोजिला टनल का काम जल्द शुरू करने की तैयारी है। एशिया की सबसे लंबी टनल के लिए नेशनल हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने चौथी बार टेंडर मांगे हैं।
कश्मीर के सोनमर्ग और लद्दाख के कारगिल के बीच जोजिला दर्रे के नीचे से इस टनल का काम भारतीय कंपनी को देने की तैयारी है। करीब छह हजार करोड़ की इस परियोजना में अब और देरी न हो, इसके लिए टनल के डिजाइन में भी बदलाव कर दिया गया है।
टेंडर 24 जुलाई को खुलेंगे। प्रक्रिया तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 14.150 किमी लंबी इस टनल से बर्फबारी में भी लद्दाख का सड़क संपर्क बना रहेगा।
साढ़े 3 घंटे की जगह 15 मिनट में पार हो जाएगा दर्रा
जोजिला दर्रा अत्यधिक बर्फबारी के चलते साल के छह महीने तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहता है। सड़क खुलने पर भी इसे लांघने में साढ़े तीन घंटे लगते हैं। टनल बनने से यह सफर महज 15 मिनट में पूरा हो जाएगा। वाहनों की दोनों तरफ आवाजाही होगी। इसके समानांतर बालटाल और मीनामर्ग के बीच दो एस्केप टनल बनेंगी।