मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों से आतंकवाद से मिलकर निपटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान और अन्य जो देश आतंकवाद से जूझ रहे हैं, उन्हें मिलकर आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर काम करना चाहिए।
शुक्रवार को उधमपुर में प्रोजेक्ट राहत के तहत स्कूल और पुलों का उद्घाटन करने पहुंचीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है। पूरा विश्व इससे जूझ रहा है। भारत-पाकिस्तान को इस पर साथ आने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि मुख्यधारा से भटक कर आतंकवाद का रास्ता चुनने वाले युवाओं को रोकने पर भी दोनों देशों को काम करना होगा। महबूबा ने कहा कि अगर हम आपस में ही लड़ते रहेंगे तो हमारे अस्तित्व पर भी खतरा बन जाएगा। महबूबा ने मुस्लिम देशों को सबसे अधिक आतंकवाद पीड़ित बताया।
उन्होंने कहा कि केवल पाकिस्तान को ही आतंकवाद के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कहा कि सीरिया, लीबिया और पाकिस्तान में क्या हो रहा है सब जानते हैं। पर अब आतंकवाद पश्चिमी देशों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।
धार्मिक एकता बेहद जरूरी
कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया बेहद जरूरी है। कहा कि शांति बहाल होने से जो पैसा आतंकवाद पर खर्च हो रहा है उसे विकास पर खर्च किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक छोटा देश है और उसे भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए भारत की जरूरत है। मुख्यमंत्री महबूबा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधरने से रियासत को सीधा लाभ मिलेगा।
दोनों देशों में रिश्ते सुधारने के बार्डर टूरिज्म एक बहुत अच्छा विकल्प है। उन्होंने कहा कि बार्डर टूरिज्म को बढ़ाने के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। कहा कि नौशेरा और चमलियाल जैसे क्षेत्रों में बार्डर टूरिज्म को विकसित किया जा सकता है।
महबूबा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान का अचानक दौरा करने के बाद हालात ऐसे बने थे कि रिश्तों का तानाबाना नये सिरे से बुना जा सकता था, पर पठानकोट हमले का इस पर बुरा असर पड़ा। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि वार्ता इसके बावजूद जारी है। कार्यक्रम में उनके साथ उप मुख्यमंत्री डॉ. र्निमल सिंह, शिक्षा मंत्री नईम अख्तर और पंचायती राज मंत्री अब्दुल हक खान भी मौजूद थे।
उधमपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि भारत के मुस्लिमों को बाहर के देशों में अच्छी नजर से देखा जाता है। उनकी छवि अच्छी है। कहा कि रियासत में धार्मिक एकता बहुत जरूरी है। महबूबा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान मुसलमान ही हिंदुओं को पानी पिलाते हैं और जब विस्थापन हुआ था तो जम्मू के भाइयों ने ही कश्मीरियों को गले से लगाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात के आगे भी प्रयास किए जाएंगे कि रियासत में आपसी भाईचारे को बनाया रखा जाए।