विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में लगातार खलल डालते हुए विधायक इंजीनियर रशीद ने पीडीपी-भाजपा सरकार पर आरएसएस के एजेंडे को आगे ले जाने का आरोप लगाया।
विधानसभा स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने जैसे ही शोक संदेश को पढ़ना शुरू किया वैसे ही इंजीनियर रशीद बैनर लेकर अपनी सीट से खड़े हो गए और बीफ प्रतिबंध को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
बैनर पर लिखा था ‘धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं’। हंगामा करते हुए रशीद ने सदन के वेल में जाने की कोशिश की, लेकिन मार्शलों ने इस प्रयास को विफल कर दिया। पहले दिन पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम सहित अन्य दिवगंतों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित कर दी गई।
'हमारा गला क्यों घोंटा जाता है'
रशीद सदन में लगातार हंगामा करते रहे और सरकार पर आरएसएस का एजेंडे को आगे ले जाने का आरोप लगाया। रशीद ने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से बीफ प्रतिबंध के मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि राज्य के मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए आप आरएसएस के एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन यह नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे पर बात कर सकते हैं तो हम यहां सदन में किसी मुद्दे पर बात क्यों नहीं कर सकते, हमारा गला क्यों घोंटा जाता है।
स्पीकर जब पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, पूर्व मंत्री गुलाम रसूल कार, मीर गुलाम मोहम्मद, जनकराज गुप्ता और अन्य लोगों को लेकर शोक संदेश पढ़ रहे थे तब भी इंजीनियर रशीद हंगामा कर रहे थे कि ‘कृपया उनके बारे में बात करो जो जिंदा हैं न कि जो मर चुके हैं’।
उन्होंने स्पीकर से कहा कि बीफ प्रतिबंध पर चर्चा नहीं होने देना गलत है, इसका जवाब देना होगा। इसके बाद रशीद सदन वाकआउट कर गए। गौरतलब है कि विधायक पहले से ही राज्य में गोहत्या, बीफ प्रतिबंध के 1862 के कानून को रद्द करने की मांग के लिए एक बिल प्रस्तुत कर चुके हैं।