- लद्दाख में स्थायी रूप से होगी 72 इंफेंटरी डिवीजन की तैनाती
- नापाक हरकत करने से पहले सोचेगा चीन
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। भारतीय सेना ने चीन से सटी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर पूर्वी लद्दाख में 72 इंफेंटरी डिवीजन की स्थायी तैनाती करने का फैसला लिया है। यहां पहले से तैनात यूनिफार्म फोर्स को वापस जम्मू संभाग में भेजा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जम्मू संभाग में बढ़ रही आतंकी गतिविधियों से निपटना है। इससे पहले भी यूनिफार्म फोर्स रियासी जिले में तैनात रही है।
सेना के विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ बिगड़े हालात के बाद यूनिफार्म फोर्स को वहां चीनी फौज के खिलाफ तैनात किया गया था। लेकिन उनकी वहां तैनाती के बाद से जम्मू संभाग में आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। यूनिफार्म फोर्स को रियासी से कठुआ तक तैनात करने की योजना है।
सूत्रों के अनुसार, 72 इंफेंटरी डिवीजन को उत्तरी कमान के अधीन रखा गया है। डिवीजन में सबसे पहले मुख्यालय बनाया जा रहा है। इसमें 25 अधिकारी, 30 जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) और 112 जवान शामिल होंगे।
यूनिफार्म फोर्स न होने से जम्मू संभाग में सुरक्षा कमजोर हुई है। इसमें पाकिस्तानी समर्थक आतंकी गतिविधियों की सक्रियता बढ़ी है। 72 डिवीजन लेह स्थित फायर एंड फ्यूरी कोर के अधीन रहेगी। इससे पहले लद्दाख के 832 किलोमीटर लंबी एलएसी की सुरक्षा की जिम्मेदारी तीन डिवीजन के पास थी। आमतौर पर एक ब्रिगेड में 3,500 से 4,000 सैनिक होते हैं और इसका नेतृत्व एक ब्रिगेडियर करते हैं, जबकि एक डिवीजन का नेतृत्व मेजर जनरल रैक का अधिकारी करता है। इसमें 10,000 से 15,000 जवान होते हैं।