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जम्मू-कश्मीर में बढ़ा शराब का कारोबार

Sun, 15 May 2016 12:47 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
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शराब - फोटो : Thinkstock
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जम्मू-कश्मीर में शराब के कारोबार में भारी वृद्धि देखने को मिली है। पिछले छह वर्षों में अकल्पनीय 141 लाख बोतलों की वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010-11 में शराब की खपत 432.79 लाख बोतलों की थी, जो वर्ष 2015-16 में बढ़कर 573.79 लाख हो गई। शराब का सेवन राज्य के तीनों संभागों में बढ़ा है।
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एक्साइज विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू कश्मीर सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में केवल शराब पर 531 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी एकत्र की है। शराब की खपत में जम्मू संभाग में सबसे ज्यादा हुई। इसके बाद लद्दाख और आखिर में कश्मीर संभाग है। हालांकि पहले के मुकाबले कश्मीर संभाग में भी शराब की खपत काफी बढ़ी है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014-15 में राज्य में 544.82 लाख शराब की बोतलों की खपत हुई थी और 464 करोड़ एक्साइज ड्यूटी एकत्र की गई थी। इस खपत में 136.64 लाख बोतलें भारत में निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) की थी, जबकि 249.63 लाख बोतलें देसी व्हिस्की की तथा 158.55 लाख बीयर की बोतलें थी।
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वर्ष 2015-16 में शराब की खपत ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ा है। इस दौरान 573.48 लाख शराब की बोतलों की खपत हुई है, जिनमें 143.21 लाख बोतलें भारत में निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल), 265.69 लाख बोतलें देसी व्हिस्की की जबकि 164.58 लाख बियर की बोतलें थी। इस दौरान एक्साइज विभाग द्वारा 531 करोड़ एक्साइज ड्यूटी एकत्र की गई।

विभाग के एक अधिकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर में शराब का कारोबार बड़े स्तर पर है। राज्य में 26 थोक व्यापारी, 20 निर्माताओं, 225 शराब की दुकानों, 41 होटल लाइसेंस के साथ बार, होटल और बैंक्वेट हॉल के साथ 8 बार, 106 रेस्तरां में बार, 28 लद्दाख विशिष्ट बार, एक बैंक्वेट हॉल, 650 कैंटीन, 10 बॉटलिंग प्लांट, छह क्लब, दो अधिकारियों की मेस में बार, 7 डिस्टिलरी और 2 सीएसडी लाइसेंसधारी हैं।

इनमें से 14 यूनिट्स कश्मीर में मौजूद हैं, जिनमें एक थोक व्यापारी, 4 दुकानें, होटल में 5 बार और 3 बार क्लबों में हैं। गौरतलब है कि शराब का जम्मू कश्मीर राज्य में 1500 करोड़ से अधिक का उद्योग है। इस उद्योग पर जम्मू-कश्मीर में भारी कर लगाया जाता है, लेकिन फिर भी इसकी मांग लगातार राज्य में बढ़ती जा रही है।
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