इस बार शारदीय नवरात्र पर बावे वाली माता के दरबार की सुंदरता देखते ही बनेगी। शहर के प्रमुख बाहु किले के भीतर दूसरे चरण में कोरिया से विशेष रूप से मंगवाई गई एलईडी (फ्लड लाइट) लगाई जा रही हैं। पहले चरण में किले के बाहरी तरफ 104 लाइट स्थापित की गई हैं।
मां के दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एलईडी की रंगबिरंगी रोशनी देखने को मौका मिलेगा। जेडीए के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर आरएल अंगुराना के अनुसार किले के भीतर लाइट लगाने का काम शुरू किया गया है, जिसके नवरात्र से पहले पूरा होने की उम्मीद है।
कोरिया से मंगवाई गई एलईडी फ्लड लाइट की विशेषता यह है कि यह 90 वाट पर जलती है। इससे बिजली की बचत भी होगी। इसमें सफेद और पीले रंग की दो एलईडी लगी हैं।
किले के बाहर एलईडी की तेज रोशनी सीधे किले के महत्वपूर्ण स्थानों पर डाली जा रही है, जिससे कई मील दूर से ही देखा जा सकता है। एलईडी लगने के बाद रंग-बिरंगी रोशनी के बीच किले को तवी पुल, सर्कुलर रोड और अन्य आसपास क्षेत्रों से आसानी से देखा जा सकता है। एल्युमिनियम कोटेड युक्त यह लाइट गर्मी और सर्दी में सुरक्षित रह सकती है।
दूसरे चरण में किले के भीतर 130 एलईडी लगाई जा रही हैं। शहर और आसपास के क्षेत्र में पहली बार किसी धरोहर को इस तरह रोशनी से जगमगाया जा रहा है। 25 सितंबर को पहला नवरात्र है। किले के भीतर मां बावे वाली के मंदिर में नवरात्र पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।